जातिवाद को ब्राह्मणों व ग्रन्थों ने नही बल्कि राजनैतिक साजिश ने बढ़ाया —आर के पाण्डेय

जातिवाद को ब्राह्मणों व ग्रन्थों ने नही बल्कि राजनैतिक साजिश ने बढ़ाया —आर के पाण्डेय।—74 वर्षों में लोकतंत्र व हिंदुत्व एक सपना ही रहा।—समानता का कानून व योग्यता आज भी दिवास्वप्न।—एक समान निःशुल्क शिक्षा, चिकित्सा, सुरक्षा भी नदारद।प्रयागराज। हिंदुस्तान के स्वतंत्रता के 74 वर्षों बाद भी वास्तविक लोकतंत्र, समानता का अधिकार, योग्यता का सम्मान व हिंदुत्व एक सपना ही बना हुआ है क्यों कड़वा सच इसके उलट है। मीडिया से वार्ता में उपरोक्त तथ्य रखते हुए पीडब्ल्यूएस प्रमुख आर के पाण्डेय एडवोकेट ने कहा कि कितना विचित्र है कि धर्म के आधार पर भारत का हिंदुस्तान तथा पाकिस्तान के रूप में विभाजन के बाद मुसलमानों का पाकिस्तान तो बरकरार रहा लेकिन हिंदुओं के लिए बने हिंदुस्तान को धर्मनिरपेक्षता के आड़ में धर्मशाला बना दिया गया जहां आज भी लोकतंत्र, समानता का अधिकार, योग्यता का सम्मान व हिन्दुत्व एक दिवास्वप्न ही बना हुआ है वहीं 74 वर्षों की सभी सरकारें सभी नागरिकों को एक समान निःशुल्क शिक्षा, चिकित्सा व सुरक्षा तक नही दे सकी। इलाहाबाद हाई कोर्ट के अधिवक्ता व वरिष्ठ समाजसेवी आर के पाण्डेय ने यह भी कहा कि ब्राह्मणों व धर्म-ग्रन्थों ने लोगों को जोड़ने का कार्य किया था परन्तु चालबाज राजनैतिक लोगों ने अपनी जातिवादी वोट बैंक के तुच्छ राजनीति के चक्कर में हिंदुओं को जातिवाद के जहरीले आत्मघाती कंटीले तारों से जकड़ दिया है। इस देश मे बकायदा तहसील से जारी जिस जाति प्रमाण पत्र पर नौकरी व सुविधाएं मिलती हैं तो आखिर उसी जाति शब्द के झूठे उच्चारण से जातिवादी एससी एसटी ऐक्ट का मुकदमा कैसे चलता है? जिस देश में आतंकवादियों को भी अपना पक्ष रखने का अवसर न्यायालय देता है उसी देश में सामान्य वर्ग को बिना किसी जांच के एससी एसटी के केस में जेल भेजा जा रहा है। अधिकांश जरूरतमंदों को निःशुल्क शिक्षा, चिकित्सा व सुरक्षा तक नही मिलती जबकि तमाम रिटायर्ड व अनुपयुक्त नेताओं व उनके परिवारीजनों को बेमतलब वीआईपी सुरक्षा व सुविधाएं दी जाती हैं। जनता के गाढ़ी कमाई व टैक्स के बोझ का नेता व अफसर दुरुपयोग करते हुए मौज उड़ा रहे हैं। कम अंक वाले को नौकरी जबकि अधिक अंक वाले को उपेक्षा का शिकार होना पड़ रहा है। भ्रष्टाचार के मकड़जाल में पूरा देश उलझा हुआ है जबकि लोगों को जातियों में बांटकर राजनैतिक लोग अपना स्वार्थ सिद्ध करते रहे हैं। आर के पाण्डेय एडवोकेट के अनुसार हमने एक क्रांति से आजादी प्राप्त की है परंतु इस आजादी को बचाने व वास्तविक लोकतंत्र, समानता का अधिकार, योग्यता का सम्मान, जातिवाद के बजाय भारतीयता, हिंदुत्व तथा एक समान निःशुल्क शिक्षा, चिकित्सा व सुरक्षा हेतु एक महाक्रान्ति की जरूरत है जिसके लिए प्रत्येक राष्ट्रभक्त हिंदुस्तानी को सामने आकर अपनी सहभागिता सुनिश्चित करनी होगी। बता दें कि आर के पाण्डेय एडवोकेट अपने संगठन पीडब्ल्यूएस परिवार के माध्यम से भ्रष्टाचारमुक्त भारत व राष्ट्रहित में सामाजिक कार्य अभियान के साथ देवालय से सामाजिक व शिक्षालय से राष्ट्रीय वैचारिक महाक्रान्ति का महाअभियान चला रहे हैं तथा आम जनमानस को उत्तम शिक्षा के साथ ही निर्धन बेसहारा परिवारों की सहायता व उनके बच्चों को निःशुल्क उत्तम शिक्षा हेतु श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या परिक्षेत्र के गोरसरा शुक्ल (बस्ती) में मात्र 01ईंट 01रु. के जन सहयोग से देवालय-शिक्षालय की स्थापना करने जा रहे हैं जिसका भूमिपूजन-शिलान्यास आगामी पावन पर्व श्रीराम नवमी 21 अप्रैल 2021 को होना सुनिश्चित है।