कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखा पत्र, कहा युवा बहुत हताश और परेशान हैं

पत्र में लिखा है कि बेरोजगार युवा कोर्ट, कचेहरी के चक्कर लगाने को हैं मजबूर

12460 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों से वीडियो कान्फ्रेंसिंग पर वार्ता के बाद पत्र लिखकर 24 शून्य जनपदों के परीक्षा में पास अभ्यर्थियों को तत्काल नियुक्ति देने का किया आग्रह

दिल्ली/लखनऊ, 19 सितबर 2020।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव व उत्तर प्रदेश की प्रभारी श्रीमती प्रियंका गांधी जी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है। पत्र में लिखा है कि प्रतिभावान 24 जनपदों के युवा परीक्षा पास करने के बाद भी तीन वर्षों से नियुक्ति न मिल पाने से बहुत हताश और परेशान हैं।

कांग्रेस महासचिव ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि आज वह उ0प्र0 के बेरोजगार युवाओं, जो कुछ समय से पूरे प्रदेश में आंदोलनरत हैं, की समस्याओं के विषय में पत्र लिख रही हैं।

श्रीमती प्रियंका गांधी ने पत्र में आगे लिखा है कि उ0प्र0 का युवा बहुत परेशान और हताश है। कुछ दिनों पहले ही मैंने 12,460 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग पर बातचीत की थी। शिक्षक भर्ती में प्रदेश में 24 जिले शून्य घोषित थे यानि इन 24 जिलों में कोई जगह नहीं खाली थी किन्तु इन जिलों के बच्चे अन्य जिलों में रिक्त भर्ती के लिए परीक्षा में शामिल हो सकते थे और इन बच्चों ने अन्य जिलों में रिक्त भर्ती के लिए परीक्षा दी और अच्छे अंकों से पास भी हुए लेकिन तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी इन युवाओं की नियुक्ति नहीं हो पायी है।

उन्होने पत्र में कहा है कि युवा मजबूरी में कोर्ट और कचेहरी के चक्कर काट रहे हैं। इनका जीवन बहुत संघर्षमय रहा है इनका दुःख-दर्द सुनकर बहुत कष्ट हुआ है। सरकार ने इनके प्रति आक्रमक और निर्मम रवैया क्येां अपनाया हुआ है यह समझ से परे हैं। सच्चाई तो यह है कि यही उ0प्र0 का भविष्य बनाने वाली पीढ़ी है और सरकार इनके प्रति जवाबदेह है। एक तरफ नौकरी नहीं मिल पा रही है दूसरी तरफ कोरोना महामारी के कारण इनके आर्थिक कष्ट और भी बढ़ गये हैं जिसके चलते कई अभ्यर्थी अवसाद में हैं।

अंत में श्रीमती प्रियंका गांधी जी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आग्रह किया कि मानवीय संवदेनाओं को देखते हुए युवाओं के रोजगार के हक का सम्मान करते हुए 24 शून्य जनपद के अभ्यर्थियों की तत्काल नियुक्ति कराने का कष्ट करें।