होशियार ! साइबर ठगो की नजर आपकी जेब पर, इनामी लालच देकर डाल रहे आपकी जेब पर डाका।

शिवम् सिंह चौहान

सरसौल। मुबारक हो ! आपका नंबर लकी विजेता के नाम पर चुना गया है यह नंबर हजारों लोगों में से एक का चुना जाता है जिसमें आपको बंपर इनाम मिलेंगे।
अपना इनाम पाने के लिए अपना पता, बैंक अकाउंट नंबर, आईएफएससी कोड सहित भेजे।
यदि इस तरह के फोन कॉल्स आपके पास आते हैं तो सावधान हो जाइए क्योंकि साइबर ठगों द्वारा आपकी जेब पर उनकी नजर पड़ चुकी है।
आपको बताते चलें कि इन दिनों साइबर ठगी का खेल खूब फल फूल रहा है जिसमें भोले भाले किसान, मजदूर व मध्यमवर्गीय लोग अधिकतर फस रहे हैं।
जिसमें आपके पास फोन आता है और बोला जाता है कि आपने इनाम जीते हैं अपना पता सहित बैंक की जानकारी आदि ली जाती है और फिर आपके बैंक अकाउंट की डिटेल निकालकर उससे पैसे उड़ाए जाते हैं इस तरह के मामलों में सैकड़ों लोग शिकार हो रहे हैं इससे हमें जागरूकता ही बचा सकती हैं।
ताजा मामला महाराजपुर थाना के अंतर्गत आने वाले ग्राम सिकठिया का है सिकठिया गांव के रहने वाले अनीश राजपूत पुत्र रामचंद्र उम्र लगभग 20 वर्ष सूरत में मजदूरी करता था तथा कुछ दिन पहले ही गांव आया है गांव आने के बाद उसके पास दिल्ली के एक नंबर से फोन आता है तथा उससे बोला गया की आपने इनाम में एक कार जीती है।
जिसकी कीमत छ लाख चालीस हजार रूपए है
युवक ठग की बातों में आकर अपनी पूरी जानकारी देता रहा जिसके बाद ठग ने युवक से रजिस्ट्रेशन के नाम पर साठ हजार रुपए ट्रांसफर करने को बोला
घर की माली हालत ठीक ना होने के बाद भी अपने पिता पर प्रेशर बना कर युवक ने जबरन साठ हजार रुपए उस ठग के अकाउंट में सरसौल बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा से ट्रांसफर कर दिए।
उसके बाद तो ठग ने युवक से गाड़ी भेजने के नाम पर,डिलीवरी के नाम पर,डीजल के नाम पर व रास्ते के खर्च के नाम पर थोड़ा-थोड़ा करके लगभग एक लाख चालीस हजार रूपए ऐंठ लिए, पीड़ित युवक पास के एक कैफे से थोड़ा-थोड़ा करके पैसा भिजवाता रहा।
बुधवार की शाम जब ठग द्वारा पुनः छ हजार रुपए की मांग की गई तो युवक ने घर में बोला जब पिता ने पूछा कि इतने रुपए कहां भेज रहे हो और गाड़ी कब आएगी युवक ने घर में कुछ ना बताते हुए पड़ोसी सर्वेश के घर गया और कर्ज के रूप में पैसे मांगे जब सर्वेश ने पूछा कि रुपए क्या करोगे तब युवक ने पूरी कहानी बताई और बोला कि आज गाड़ी आ जाएगी
इस बात की जानकारी कई अन्य लोगों को हुई तथा उस नंबर की जानकारी की गई तो वह फ्रॉड निकला।
इस बात की जानकारी जब परिजनों को हुई तो वह हक्का-बक्का रह गए क्योंकि मजदूर पिता ने कर्ज लेकर सारे रुपए बेटे को दिए थे जब इस बात की जानकारी हुई तो सभी का रो-रोकर बुरा हाल था वही ठगी का शिकार हुए युवक को भी सदमा लगा जिससे उसने दो बार आत्महत्या करने की भी कोशिश की लेकिन परिजनों की सतर्कता से अनहोनी होने से टल गई।
परिजनों ने बताया कि बेटे द्वारा अभी तक कोई जानकारी नहीं दी गई थी कि पैसा कहां भेज रहा है बस वह इतना ही बता रहा था की गाड़ी आनी है गाड़ी चलाएंगे उससे पैसा आएगा और घर का खर्चा चलेगा।
इस बात की जानकारी जिस जिस को हुई सभी ने पीड़ित युवक की नादानी के लिए जमकर सुनाया तो वही बूढ़े बाप की आंखों में आंसू देख कर तसल्ली भी दिलाई।
इस तरह के ठगों से बचने के लिए सिर्फ एक ही रास्ता है बिना किसी जानकारी के और अपरिचित व्यक्ति से फोन पर वार्ता ना करें अपनी बैंक से संबंधित कागजात व अकाउंट से संबंधित कुछ भी जानकारी किसी के साथ शेयर ना करें।
जागरूकता ही बचाव है
हंसते खेलते परिवार को ठगों की लूट ने तोड़ कर रख दिया है
पीड़ित परिवार के घर चूल्हा तक नहीं जला।
पीढ़ी द्वारा बताया गया कि 8538939040 तथा 797999 2129 इन दोनों नंबरों से फोन आए थे इन्हीं नंबरों पर हुई बातचीत के द्वारा पैसे भेजे गए है।