धाता पत्रकार संघ ने खंड विकास अधिकारी को सौंपा ज्ञापन

उत्तर प्रदेश में पिछले एक महीने में पत्रकार की यह दूसरी हत्या है

खागा से ओमनरायण विश्वकर्मा की रिपोर्ट

फतेहपुर/धाता धाता भाजपा की योगी सरकार में पत्रकारों की आवाज दबाने का काम अन्य सरकारों के अपेक्षा अधिक हो रहा है भाजपा सरकार में आए दिन पत्रकारों की हत्या हो रही है उन्हें जेल भेज कर न्याय की आवाज दबाने के प्रयास अधिकारियों द्वारा किया जा रहा है जिससे आम जनता को न्याय नहीं मिल रहा है और पूरे प्रदेश में नौकरशाही हावी हो चुकी है समय रहते योगी सरकार ने पत्रकारों पर हो रहे हमले पत्रकारों की हत्याओं के मामले और पत्रकारों को जेल भेज दिए जाने के मामले को गंभीरता से नहीं लिया तो आने वाले विधानसभा चुनाव में योगी सरकार को इसका खामियाजा भी भुगतना पड़ेगा बलिया में टीवी पत्रकार रतन सिंह की फिर गोली मारकर हत्या कर दी गई है पत्रकार की हत्या की जानकारी मिलते हैं धाता के पत्रकार आक्रोशित हो उठे और उन्होंने निंदा प्रस्ताव पारित कर पत्रकारों पर हो रहे हमले को रोकने की मांग योगी सरकार से की है
आक्रोश ब्यक्त करने वालो में वरिष्ठ पत्रकार ज्ञान सिंह, मुकेश सिंह,अनुपम सिंह, केवी सिंह,मोहम्मद कलीम,विवेक सिंह, अभिषेक द्विवेदी, राजेश सिंह,ज्ञान चन्द्र यादव, देवेश त्रिपाठी, राममणि पांडेय, नीतेश केशरवानी,उत्करष जयसवाल,धमेंद्र कुमार, पत्रकार शामिल रहे