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2030 तक भूख और गरीबी को समाप्त करने की दिशा में मिलकर काम करें सभी ब्रिक्स देश : कैलाश चौधरी

केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों की 11वीं बैठक में भारत सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र की मजबूती के लिए उठाए जा रहे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसे कई कृषि व किसान हितैषी कदमों के बारे में रखी अपनी बात

दिल्ली/जयपुर/बाड़मेर-जैसलमेर

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने शुक्रवार को ब्रिक्स के कृषि मंत्रियों की 11वीं बैठक में भाग लिया। बैठक में कृषि को सुदृढ़ बनाने के लिए ब्रिक्स की साझेदारी, खाद्य और पोषण सुरक्षा के लिए जैव विविधता सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।
बैठक के बारे में जानकारी देते हुए कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने बताया कि 2030 तक भूख और गरीबी को समाप्त करने की दिशा में ब्रिक्स देश उत्पादकता बढ़ाने, खाद्य सुरक्षा, पोषण सम्बन्धी चुनौतियों के समाधान, पोषण में वृद्धि के लिए कृत संकल्पित है। इस अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर सहित ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्री एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।

कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने बताया कि अनुसंधान, व्यापार को प्रोत्साहन, जलवायु अनुकूल कृषि, वित्तीय समावेशन के माध्यम से कृषि को लाभदायक बनाने, सहकारिता, मत्स्य पालन, जलीय कृषि को लेकर ब्रिक्स देश संवेदनशीलता पूर्वक कार्य कर रहे है। केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री ने भारत में कृषि के परिदृश्य और छोटे किसानों के प्रभुत्व और भारत में किसानों के कल्याण के प्रति भारत सरकार की प्रतिबद्धता के बारे में जानकारी दी। कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए भारत सरकार द्वारा हाल ही में की गई पहलों जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि विपणन बुनियादी ढांचे के विकास के लिए एक लाख करोड़ रुपये के कोष के साथ कृषि अवसंरचना कोष का शुभारंभ, छोटे और सीमांत किसानों को कृषि उपज के विपणन में मदद करने के लिए 10000 एफपीओ के गठन की योजना का उल्लेख किया।

कैलाश चौधरी ने बताया कि कृषि को टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए भारत सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों को सूचीबद्ध किया गया है जिसमें परम्परागत कृषि विकास योजना के तहत नैनो-यूरिया और जैविक खेती को बढ़ावा देना शामिल है। उन्होंने समूहों के गठन के माध्यम से गंगा नदी के दोनों किनारों पर 5 किलोमीटर तक जैविक खेती को प्रोत्साहित करने की पहल पर भी प्रकाश डाला, जिसमें 11 लाख किसान पहले ही नामांकन कर चुके हैं। साथ ही कृषि राज्यमंत्री चौधरी ने ग्रामीण युवाओं, किसानों और कृषि महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए नवीन तकनीकों को विकसित करने और प्रयोगशाला से भूमि तक उनके प्रसार के लिए भारत सरकार द्वारा उठाए जा रहे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसे कई कदमों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।