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गांव के गरीबों और किसानों के खानपान व स्वास्थ्य में सुधार के लिए मोदी सरकार उनकी आय बढ़ा रही है : कैलाश चौधरी

केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत “किसानों के लिए खाद्य एवं पोषण” विषय पर चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में कहा कि किसानों की आय बढ़ने से सुधरेगा उनका खानपान और पोषण

दिल्ली/जयपुर/बाड़मेर-जैसलमेर

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने गुरुवार को आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत “किसानों के लिए खाद्य एवं पोषण” विषय पर चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत आयोजित किए गए कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर सहित कृषि मंत्रालय के अधिकारीगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने खाद्य सुरक्षा को राष्ट्रीय प्राथमिकता के रूप में मानकर कार्य किया है। इसके लिए उत्पादन में वृद्धि, खाद्य आपूर्ति की समुचित व्यवस्था एवं सभी के लिए भोजन की पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि भारत में खाद्यान्न का उत्पादन हर साल बढ़ रहा है और भारत कई फसलों जैसे- गेहूं, चावल, दाल, गन्ना और कपास के शीर्ष उत्पादकों में से एक है। यह दूध का सबसे बड़ा उत्पादक और फलों व सब्जियों का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है। 308.65 मिलियन टन रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन के साथ अपना देश विश्व में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। भारत दूध और दालों के उत्पादन में दुनिया के बड़े देशों में से एक है। चावल, गेहूं गन्ना, मूंगफली, सब्जियां फल और कपास के उत्पादन में अपने देश का दूसरा स्थान है। कैलाश चौधरी ने कहा कि आज असली मुद्दा भोजन की उपलब्धता नहीं है, आज असली मुद्दा गरीबों का उच्च पोषण, गुणवत्ता वाले आहार तक पहुंच और पोषण सुरक्षा है। हमारी सरकार ने खाद्य सुरक्षा को राष्ट्रीय प्राथमिकता के रूप में लिया है। इसे प्राप्त करने के लिए हम तीन स्तर पर काम कर रहे हैं; उत्पादन में लगातार वृद्धि करना, खाद्य आपूर्ति की समुचित व्यवस्था और सभी के लिए भोजन तक पहुंच सुनिश्चित करना। विशेष रूप से गरीबों और वंचितों के लिए।

बच्चों और महिलाओं के लिए मोदी सरकार चला रही है पोषण अभियान : कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि भारत में लगभग 195 मिलियन कुपोषित लोग हैं। लगभग 47 मिलियन यानी 10 में से 4 बच्चों का कुपोषण के कारण सही शारीरिक एवं मानसिक विकास नहीं हो पाता है। कुपोषण के मुख्य शिकार गरीब हैं, विशेषकर छोटे बच्चे, गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताएं। कैलाश चौधरी ने कहा कि कुपोषण की इस स्थिति से बाहर आने के लिए हमारी सरकार ने कई योजनाएं शुरू की है। 2017 में शुरू की गई राष्ट्रीय पोषण रणनीति में 0 से 3 वर्ष के कम वजन वाले बच्चों की संख्या को 2022 तक 3% कम करने का लक्ष्य है। राष्ट्रीय पोषण मिशन जिसे पोषण अभियान के रूप में भी जाना जाता है, इसका उद्देश्य 2022 तक जन्म के समय कम वजन वाले बच्चों की संख्या 2% प्रतिवर्ष कम करना है। एनीमिया से पीड़ित बच्चों, किशोरियों और महिलाओं की संख्या 3% प्रतिवर्ष कम करना है।

आमदनी बढ़ने से सुधरेगा खानपान और पोषण :
केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि इन पोषण योजनाओं के लक्ष्य को पाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों की आय 2022 तक दोगुनी करने का लक्ष्य रखा है। जब गांव के किसानों एवं गरीबों की आमदनी बढ़ेगी, तो वे लोग अच्छे खानपान पर व्यय कर अपने स्वास्थ्य को सुधार सकेंगे। इस दिशा में भारतीय कृषि वैज्ञानिकों द्वारा विकसित विभिन्न फसलों की जैव फोर्टिफाइड किस्में भी योगदान करेगी। कैलाश चौधरी ने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि आज का यह अभियान किसानों एवं वैज्ञानिकों के बीच खाद्य एवं पोषण सुरक्षा पर चर्चा का माध्यम बनेगा तथा किसानों को पोषण समर्थित खाद्य पैदा करने की के लिए प्रेरित करेगा। मैं इस अभियान की सफलता की कामना करता हूं।