मुख्यमंत्री से की गई पत्रकार सुरक्षा अधिनियम लागू करने की मांग।।

भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ सोरांव के ऑनलाइन आपात बैठक हुई। जिसमें उत्तर प्रदेश में पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जाहिर की गई कहा गया कि प्रदेश के भीतर पत्रकार असुरक्षित है। पत्रकार सुरक्षा अधिनियम कानून को प्रदेश में हर हाल में लागू किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की गई है कि प्रदेश में पत्रकार सुरक्षा अधिनियम को तत्काल लागू किया जाए। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष मथुरा प्रसाद धुरिया जी ने कहा कि पूरे प्रदेश में पत्रकारों की हत्याएं तेजी से बढ़ी हैं। अपराधियों को पकड़ने और सजा दिलाने में पुलिस पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है। महासंघ के प्रांतीय सचिव शिवा शंकर पांडे ने कहा कि नोएडा से लेकर बलिया जिले तक पत्रकारों की ताबड़तोड़ हत्या ने यह साबित कर दिया है कि तत्काल पत्रकारों की सुरक्षा देने में पूरी तरह नाकाम है। इस हाल में प्रदेश का पत्रकार सुरक्षा अधिनियम लागू किया जाए। प्रतापगढ़ के जिला अध्यक्ष अजय पांडे ने कहा कि प्रदेश के कई प्रांतों में पत्रकार सुरक्षा अधिनियम लागू है परंतु उत्तर प्रदेश में यह अधिनियम लागू नहीं किया गया है। यह साफ तौर पर जाहिर करता है कि इस मामले में उत्तर प्रदेश की सरकार ने कोई कठोर कदम नहीं उठाया है यह बेहद चिंताजनक है। बैठक में सर्व सहमति से निर्णय लिया गया है कि पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर प्रदेश सरकार को तय किया जाना चाहिए। पत्रकार सुरक्षा अधिनियम को अविलंब लागू करके दोषियों को खड़ाकर लीगलाने हत्या का शिकार, पत्रकारों के परिजनों को 50 लाख मुआवजा, दोषियों को कड़ा सबक सिखाया जाए। बैठक में महासंघ के प्रयागराज मंडल सचिव रिजवान उल्ला, राजेश मिश्रा, सोरांव तहसील अध्यक्ष राकेश शुक्ला, तहसील संरक्षक अब्दुल जब्बार, कोषा अध्यक्ष राकेश यादव, सचिव शिव पंकज यादव, प्रवक्ता डॉ रामेश्वर प्रसाद पटेल, शह प्रवक्ता राम सुरेश निर्मल, कोषा अध्यक्ष रिजवान सैफ खान, अतुल द्विवेदी, मोहम्मद एखलाक, रवि पटवा, अंशु सिंह, जीतेंद्र कुमार, जयकुमार, अनिल कुमार, अमित ओझा, आदि पत्रकार उपस्थित रहे।।