पर्याप्त संसाधन के बाद भी प्रबंध तंत्र शिक्षकों को पूरी सैलरी 6 माह से नहीं दे रहा नाराज शिक्षक चाक डाउन हड़ताल पर

पर्याप्त संसाधन के बाद भी प्रबंध तंत्र शिक्षकों को पूरी सैलरी 6 माह से नहीं दे रहा नाराज शिक्षक चाक डाउन हड़ताल पर
जनपद क़े बेहतरीन स्कूलों मे शुमार बलरामपुर मॉडर्न स्कूल क़े शिक्षक व कर्मियों 14 नवंबर से, 6 महीनों से संपूर्ण वेतन न मिलने के कारण चाक डाउन हड़ताल पर हैं। सोमवार को बलरामपुर मॉडर्न स्कूल क़े लगभग 70 शिक्षक शिक्षिकाओं व कर्मचारियों ने जिलाधिकारी बलरामपुर कृष्णा करूणेश व जिला विद्यालय निरीक्षक प्रतिनिधि शैलेन्द्र सिंह से मिलकर सम्पूर्ण वेतन दिये जाने सम्बन्धी ज्ञापन सौंपा ।
अपने ज्ञापन मे शिक्षकों ने कहा हैै कि विद्यालय विगत तिरपन वर्षों से जनपद मे शिक्षा दे रहा हैै । इसमें शिक्षण करने वाले तमाम शिक्षक एवं कर्मचारी विगत कई दशकों से अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। कभी भी प्रबंध तंत्र एवं विद्यालय के कर्मचारियों के बीच इस तरह की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई। परंतु पिछले 2 वर्षों में प्रबंध तंत्र के तानाशाही एवं मनमाने व्यवहार के कारण एवं विद्यालय तथा कर्मचारियों के विरुद्ध लिए गए निर्णय के कारण विद्यालय के कर्मचारी हड़ताल करने पर विवश हुए है। पिछले वर्ष जून में मानक को न पूरा करने वाले प्रधानाचार्य की नियुक्ति एवं कम वेतनमान के कारण विद्यालय के कर्मचारी आंदोलनरत थे। जिससे मजबूर होकर प्रबंधन को मानक न पुरा करने वाले प्रधानाचार्य की नियुक्ति को ना सिर्फ स्थगित करना पड़ा परंतु विद्यालय के कर्मचारियों की सैलरी भी आंशिक रूप से बढ़ानी पड़ी। इससे प्रबंध तंत्र नाराज हो गया एवं लगातार दुर्व्यवहार और बदले की भावना से कार्य कर रहा है । डाउन एवं विद्यालय न‌ खुले के निर्देश के कारण छात्र संख्या घट गयी। तो प्रबन्धन ने संसाधन होने (लगभग 3 करोड रुपए से अधिक वर्तमान सत्र में फीस से प्राप्त होने पर भी) हमारे वेतन मे कटौती यह कहते हुये कर दिया कि जब स्कूल खुलेगा तो इस कटौती को एरियर क़े साथ दे दिया जाएगा । स्कूल खुला ऑनलाइन और आफ लाइन शिक्षण कार्य भी चला । लेकिन अभी भी सबका वेतन काटकर ही दिया जाता रहा । इस संबंध मे जब कुछ शिक्षक प्रबन्ध तन्त्र क़े अधिकारियों से मिले और विनती की तो उन्होने कहा कि हम मार्च मे मीटिंग करके छात्र संख्या क़े अनुसार वेतन देंगे । प्रबन्ध तन्त्र के अध्यक्ष श्रीमान सूर्यवंश मिश्रा ने प्राइमरी सेक्शन बन्द भी करने और जूनियर मे कुछ शिक्षकों की छंटनी की धमकी दी।
विद्यालय के अलग-अलग कर्मचारियों से बात करने पर यह स्पष्ट था कि विद्यालय के पास पर्याप्त आर्थिक संसाधन है फिर भी विद्यालय का प्रबंध तंत्र मनमानी व्यवहार करते हुए विद्यालय में कार्यरत शिक्षकों एवं कर्मचारियों को पूरा वेतन नहीं देना चाहता है। विद्यालय में हड़ताल की जो स्थिति बनी है उसके लिए भी प्रबंधन तंत्र पूरी तरीके से जिम्मेदार प्रतीत होता है क्योंकि अध्यापकों का कहना है कि उन्होंने मई माह से दिसंबर माह तक 8 प्रार्थना पत्रों के माध्यम से बार-बार निवेदन किया एवं हड़ताल करने से पहले, हड़ताल करने से संबंधित सूचना प्रबंध तंत्र को एक सप्ताह पहले ही दे दिया था। लेकिन प्रबंध तंत्र ने समय रहते कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं की।समय रहते प्रभावी कार्रवाई न करने के कारण यह हड़ताल की स्थिति बनी है जिससे लगभग 1200 छात्रों की ऑनलाइन एवं ऑफलाइन शिक्षा प्रभावित हो रही है। यह देखना महत्वपूर्ण है कि जिले के आला अधिकारी विरोध का हल किस प्रकार निकालते हैं।
इस दौरान शिक्षक टी एन मिश्रा , अशोक शुक्ल , भूनेश्वर प्रसाद , पारस नाथ , अवनीन्द्र त्रिपाठी , मंजू मिश्रा , मधु मिश्र , इंदिरा देवी , लक्ष्मी सिंह , नलिनी मिश्र , सुमन सिंह , साधना सिंह , नीतू श्रीवास्तव , वी संघर्ष , कृष्ण दयाल ननकने , इतवारी प्रसाद रवि , झगरू प्रसाद सहित तमाम कर्मचारी मौजूद रहे ।