भक्तो ने धूमधाम से मनाया भगवान का विवाहोत्सव कार्यक्रम

भक्तो ने धूमधाम से मनाया भगवान का विवाहोत्सव कार्यक्रम

सुदनापुर बजार के पास मदनपुर में चल रही शप्त दिवसीय श्रीमद भागवत कथा

रिपोर्ट प्रमोद यादव ब्यूरो चीफ सुल्तानपुर
यूपी फाइट टाइम्स
सुल्तानपुर गोसाईगंज थानांतर्गत मदनपुर नरायनपुर गांव में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के छटे दिन कंस वध की कथा का वृतांत और भगवान कृष्ण और रुकमणी विवाह का वर्णन अयोध्या से पधारे कथावाचक श्री 1008 यमुना चार्य जी महाराज ने कंस वध का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान श्री कृष्ण ने 11वर्ष की आयु में कंस को मार दिया था।उसके बाद मथुरा की जनता व देवता प्रसन्न होकर कृष्ण और बलराम पर फूलों की वर्षा करने लगे उसके बाद उग्रसेन राजा बने ।और सारी प्रजा खुश हो गई। उन्होंने सत्संग की अमृत वर्षा करते हुए कहा कि जब तक हमारा अहंकार नष्ट नहीं होगा तब तक हम सुखी नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि अगर मनुष्य अपनी इंद्रियों को बस में कर ले तो उसी क्षण सारे विकार नष्ट हो जाते हैं रुकमणी कृष्ण विवाह प्रसंग में श्री यमुनाचार्य जी ने बताया कि रुकमणी स्वयं लक्ष्मी और कृष्ण नारायण है।भगवान सभी राजाओं के बीच से रुकमणी का हरण कर लाए थे। भगवान यह संदेश देना चाहते है कि लक्ष्य की प्राप्ति के लिए पुरूषार्थ की आवश्यकता होती है।जो साहसी व विकारों से परे होते है लक्ष्मी उनके यहां ठहरती है। श्री यमुना चार्य जी ने बताया की रुक मणि के माता पिता रुक मणि का विवाह कृष्ण से करना चाहते थे लेकिन रुक मणि का भाई रुक्मी विरोध करता था वह अपनी बहन का विवाह उसकी शादी कृष्ण के चचेरे भाई शिशुपाल से करना चाहता था जो रुकमणी और उनके माता पिता को पसंद नहीं था। और बताया की रुकमणी भगवान की इकलौती पत्नी थी आवांछित विवाह रोकने के लिए भगवान ने उनका अपहरण कर लिया था। चल रही कथा के बीच में ही मुख्य यजमान और वेद व्यास पीठ पर विराजमान कथा वाचक यमुना चार्य जी महराज के द्वारा कृष्ण और रुकमणी विवाह की बारात निकली गई फूलों से सजी गाड़ी में जब भगवान की बारात निकली तो बाराती बने भक्त बाजे की धुन पर खूब नाचे महिलाओं ने यमुनाचार्य जी महराज पर फूलों की वर्षा की मुख्य यजमान श्री भीम सेन पांडेय व सुशीला ने भगवान की बारात की आगवानी की ,पुरा पांडाल खुशी से भक्तिमय हो गया।उक्त अवसर पर युधिष्ठिर पांडेय,अर्जुन पांडेय अतुल पांडेय अजय पांडेय,अमन पांडेय, अनुज पांडेय,,संगम पांडेय, के डी पांडे, राकेश विश्वकर्मा, रमेश चन्द्र तिवारी, श्री नाथ तिवारी,सहित सैकड़ो भक्त मौजूद रहे।आए हुए सभी भक्तो का आयोजक पांडेय परिवार की तरफ से संगम पांडेय ने आभार व्यक्त किया।