कृषक भाई खेतो में पराली न जलाएं-सीडीओ

जनपद बलरामपुर

कृषक भाई खेतो में पराली न जलाएं-सीडीओ

कृषकों को फसल अवशेष जलाने के दुष्प्रभाव से अवगत/जागरूक कराएं संबन्धित अधिकारी-सीडीओ

संवाददाता राधेश्याम गुप्ता

बलरामपुर। आज दिनांक 14 अक्टूबर, 2020 को जिलाधिकारी बलरामपुर कृष्णा करुणेश के निर्देशन में मुख्य विकास अधिकारी अमनदीप डुली की अध्यक्षता में पराली की बैठक विकास भवन सभागार में संपन्न हुई। सीडीओ द्वारा खरीफ 2020 की फसल के बाद किसानों द्वारा फसल अवशेष जलाने के दुष्प्रभाव से अवगत/जागरूक कराने के लिए संबन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया है।

 मुख्य विकास अधिकारी द्वारा जिला पंचायत राज अधिकारी एवं समस्त खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि जनपद के समस्त ग्राम प्रधानों के माध्यम से पराली जलाने से होने वाले दुष्परिणाम के बारें में किसानों को अवगत कराये तथा मन्दिर एवं मस्जिद से मुनादी करायें, जिससे कृषक जागरूक हो सके। साथ ही प्राचार वाहन के माध्यम से भी कृषकों को पराली न जलाने के लिए जागरूक करें।  बैठक के दौरान उप निदेशक कृषि द्वारा अवगत कराया गया कि कृषि विभाग के क्षेत्रीय कर्मचारियों द्वारा गाॅव-गाॅव जाकर पराली न जलाने हेतु कृषकों को जागरूक किया जा रहा है तथा समुचित स्थानों पर जन जागरूकता फैलाने हेतु पराली प्रबन्ध की वाॅल पेन्टिंग करायी जा रही है।

 उन्होंने कहा कि इस संबन्ध में जिला पूर्ति अधिकारी ग्रामीण क्षेत्र के कोटेदारों के यहां पराली जलाने से होने वाली क्षति के संबन्ध में बैनर लगवाने के लिए निर्देशित करें। खण्ड विकास अधिकारी एवं मुख्य पशु चिकित्साधिकारी बलरामपुर को निर्देशित किया गया कि आपस में समन्वय बनाकर कृषकों के खेतो से पराली एकत्रित कर गौ संरक्षण केन्द्र में भिजवाना सुनिश्चित करेंगें, ताकि पशुओं को चारे की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके सीडीओ द्वारा समस्त क्षेत्राधिकारियों को निर्देशित किया गया कि अपने स्तर से क्षेत्रीय पुलिस कार्मिको के माध्यम से गाॅव में पराली न जलाने हेतु आवश्यक कदम उठाये। साथ ही उनके द्वारा उप जिलाधिकारी, तहसीलदार एवं क्षेत्राधिकारियों को निर्देशित किया गया कि आगामी दिनों में धान की कटाई करते समय कम्बाइन हारवेस्टर संचालक कम्बाइन हारवेस्टर के साथ सुपर स्ट्रा मैनेजमेन्ट सिस्टम का प्रयोग अवश्य करें, यदि कम्बाइन हारवेस्टर संचालक कम्बाइन हारवेस्टर के पास सुपर स्ट्रा मैनेजमेन्ट सिस्टम नहीं है तो अन्य वैकल्पिक पराली प्रबन्धन यंत्र यथा पेडी स्ट्रा चापर, मल्चर, स्ट्रा रीपर एवं रिवसिंबल एम0बी0 प्लाउ आदि का प्रयोग अवश्य करें। यदि कम्बाइन हारवेस्टर संचालक उक्त व्यवस्था का अनुपालन कटाई करते समय नहीं करता है तो संबन्धित का कम्बाइन हारवेस्टर सीज कर दिया जाए। यदि कोई कृषक पराली जलाता है तो उसके विरुद्ध अर्थ दण्ड के रूप में  02 एकड़ से कम भूमि वाले कृषक के लिए रु0 2500.00, 2 से 5 एकड़ भूमि रखने वाले लघु कृषकों के लिए रु0 5000.00 व 5 एकड़ से अधिक भूमि रखने वाले बड़े कृषकों के लिए रु0 15000.00 प्रति घटना अर्थ दण्ड अधिरोपित किया जायेगा। 

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया है कि कृषि विभाग के क्षेत्रीय कार्मिकों के द्वारा इस बात का प्रचार-प्रसार किया जाए कि यदि किसी कृषक को अपने क्षेत्र की पराली गौ संरक्षण केन्द्र पर भिजवानी है तो अपने खेत में पराली इकठ्ठा करते हुये ग्राम पंचायत/अधिकारी/ग्राम्य विकास अधिकारी को सूचित करंे, जिससे खण्ड विकास अधिकारी एवं मुख्य पशु चिकित्साधिकारी समन्वय स्थापित करते हुये पराली उठाकर गौ संरक्षण केन्द्र तक ला सके।

बैठक में जिला विकास अधिकारी गिरीश चन्द्र पाठक, उप निदेशक कृषि, जिला कृषि अधिकारी मंजीत कुमार, उप जिलाधिकारी सदर नागेन्द्र नाथ यादव, तहसीलदार तुलसीपुर एवं उतरौला, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, समस्त खण्ड विकास अधिकारी, एवं जेष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक आदि उपस्थित रहे।