क्रय केंद्रों के चक्कर लगा रहे किसान नहीं हो रही उनके धान की तौल

क्रय केंद्रों के चक्कर लगा रहे किसान नहीं हो रही उनके धान की तौल
परेशान होकर 1868 की जगह 1200 रुपए प्रति कुंतल बाजारों में बेचने को मजबूर

प्रदेश सरकार के द्वारा भले ही किसानों के द्वारा तैयार किए गए धान को खरीद करने के लिए सरकारी धान क्रय केंद्रों का संचालन किया जा रहा है | जिन पर किसानों के द्वारा तैयार किए गए धान को 1868 रूपये प्रति क्विंटल की दर से खरीद करने का निर्देश क्रय केंद्र प्रभारियों को दिया गया है | परंतु प्रदेश सरकार के द्वारा खोले गए क्रय केंद्र महज कागजी कोरम ही पूरा करने में लगे हुए हैं क्योंकि 18 अक्टूबर से संचालित इन क्रय केंद्रों पर 27 नवंबर तक में शासन के द्वारा दिए गए लक्ष्य के अनुसार ना के बराबर धान की खरीद हुई है | अगर देखा जाए तो कौंधियारा मे खुले धान क्रय केंद्र पर अब तक में मात्र 700 क्विंटल धान की खरीद किसानों से किए जाने का उल्लेख किया जा रहा है | जब कि विगत 3 से 4 दिन पहले ही इस क्रय केंद्र पर इक्का-दुक्का किसानों के धान की तौल की जा रही है | वही इस क्रय केंद्र पर तौल का कार्य कर रहे मजदूरों के द्वारा बताया गया कि इस क्रय केंद्र चार दिन से धान की तौल का कार्य कर रहे हैं और उनके द्वारा किसी दिन 35 क्विंटल तो किसी दिन 100 क्विंटल धान की तौल उनके द्वारा की जा रही है | जबकि क्रय केंद्र प्रभारी सुनील कुमार जायसवाल के द्वारा बताया गया कि क्रय केंद्र पर निरंतर तौल की जा रही है किसानों के धान तैयार नहीं है जिसके कारण किसान तैयार धान बेचने के लिये नही आ रहे है वही क्रय केंद्र प्रभारी से जब पूछा गया कि उनके द्वारा संचालित किए जा रहे क्रय केंद्र पर शासन द्वारा कितने कुंटल धान खरीद का लक्ष्य दिया गया है तो उनके द्वारा बताया गया कि उन्हें शासन द्वारा निर्धारित धान खरीद का लक्ष्य नहीं पता है | वही स्थानीय किसान राहुल सिंह के द्वारा बताया गया कि उनके पास 400 क्विंटल धान तैयार है पर कौधियारा मे खुले क्रय केंद्र पर पहुंचने पर उन्हें इधर-उधर की बातें बताई जाती है | क्रय केंद्र प्रभारियों की मनमानीयों के कारण है आज बेबस व लाचार किसान अपने तैयार धान को क्रय केंद्रों पर न बेच पाने के कारण खुले बाजारों में 1868 रूपये प्रति क्विंटल की जगह मात्र 1200 रूपये प्रति क्विंटल में बेचने के लिए मजबूर हैं |

प्रयागराज जिले से UFT न्यूज से व्यूरो चीफ की खास रिपोर्ट