You are currently viewing FATEHPUR- कोटेदारों की मनमानी पर होती है ऊंट के मुंह में जीरा जैसी कार्यवाही

शिकायतों व अनियमितता पाए जाने पर चार कोटेदारों की जमानत हुई जब ऊंट के मुंह में जीरा जैसी कार्रवाई

चर्चा दामन को दागदार होने से बचाने के लिए व उच्च अधिकारियों को गुमराह करने के लिए होती ऐसी कार्यवाही

दर्जनों वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया में हो रहे वायरल संज्ञान लेने के बजाय अधिकारी समस्याओं का देते हवाला

चौडगरा फतेहपुर जनपद में वैश्विक महामारी कोविड-19 कोरोना वायरस को ध्यान में रखते हुए समूचे देश में लॉक डाउन के दौरान खाने कमाने वालों के सामने भुखमरी की समस्या खड़ी हो गई थी। जिसे ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश शासन द्वारा समाज के विभिन्न वर्गों को वह समाज के निचले पायदान में खड़े हर व्यक्ति तक प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत राशन कार्डों पर प्रत्येक यूनिट में 5 किलो चावल निशुल्क वितरण कराया जा रहा है। जहां आपदा की इस घड़ी में भी कोटेदारों द्वारा गरीब शोषित वंचित ग्रामीणों के पेट का निवाला छीन कर घटता वर्ली का काला खेल खेल कर अधीनस्थ कर्मचारियों की सांठगांठ से काले खेल के काले कारनामे को अंजाम दिया जा रहा है। ऐसी शिकायतें जनपद के विभिन्न गांव से जिला अधिकारी संजीव सिंह व पूर्ति निरीक्षक अधिकारियों तक मीडिया, सोशल मीडिया, शिकायती पत्र के माध्यम से पहुंचती हैं कोटेदार कहीं एक यूनिट का चावल नहीं दे रहे तो कहीं पांच यूनिट वाले कार्ड से 3 से 4 किलो की कटौती कर रहे हैं ऐसे में अब गांव-गांव मोहल्लों में कोटेदारों के खिलाफ ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। मुसीबत इस घड़ी में जहां एक और हजारों की संख्या में लोग जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर जिला प्रशासन भी मुस्तैदी के साथ जरूरतमंद लोगों की पहचान कर प्रत्येक जरूरतमंद की मदद की जा रही है जिससे कोई भी व्यक्ति प्रदेश व जनपद का भूखा ना रहे। कड़े निर्देशों के बावजूद घटतौली जैसी अमानवीय हरकत से संबंधित विभाग पर पर बैठे जिम्मेदार उच्च अधिकारियों की कार्यशैली पर लोगों ने सवालिया निशान लगाने शुरू कर दिए हैं। घटतौली जैसी कुप्रथा को समाप्त नहीं हो रही ऐसे दर्जनों वीडियो घाटोली के सोशल मीडिया में वायरल हो रहे हैं जिसका संज्ञान ना तो विभाग लेता है और ना ही कभी सुध, ऐसा ही दर्जनों वीडियो सोशल मीडिया में वायरल है इन दिनों ऐसे ही एक वीडियो की पड़ताल जब की गई तो पूर्ति निरीक्षक अधिकारी बिंदकी सौरभ सिद्धांत भूषण ने बताया कि शिकायत के आधार पर जांच के दौरान अनियमितता पाए जाने पर उमरगहना, बिंदकी, कंसपुर गोगौली, महमूदपुर सहित कोटेदारों के खिलाफ जमानत जप्त कर कड़ी कार्यवाही की चेतावनी दी गई है। उधर ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायतों के बावजूद जमानत जप्त करना कोटेदारों की ऊंट के मुंह में जीरा जैसी कार्यवाही होती है। यह कार्यवाही मात्र अपने दामन को दागदार होने से बचाने व कार्यवाही का दिखावा कर उच्च अधिकारियों को गुमराह करने का जरिया है जब अनियमितता व शिकायतें पाई जा रही है तो क्यों ना बड़ी कार्यवाही हो वही जब उच्च अधिकारियों से इस तरह के मामलों के संज्ञान में होने व कार्यवाही की जानकारी की बात की जाती है तो उच्च अधिकारी जनता के सुख-दुख को सुनने व जानने के बजाय कागजी समस्याओं पर उलझे होने की देते जानकारी ऐसी उदासीनता लापरवाही से जहां एक ओर गरीबों का मनोबल टूटता है तो वहीं दूसरी ओर घटता ओली कर रहे कोटेदार मन बढ होकर करते मनमानी आखिर कौन है जिम्मेदार ऐसे मामलों को शासन द्वारा निष्पक्ष जांच कराकर कड़ी से कड़ी विभागीय कार्रवाई कराई जानी चाहिए ?