FATEHPUR-  भूख और मजबूरी ने मासूम के हाथ में थमा दिया कटोरा

भूख और मजबूरी ने मासूम के हाथ में थमा दिया कटोरा

यूपी फाइट टाइम्स
फतेहपुर संवाद ।।

यह तस्वीरें भारत देश कि ही हैं जहां की सरकार सबका साथ सबका विकास की बात करती है और कोई भूखा नहीं सोएगा का नारा देकर खूब जुमले बरसाती है पर यह तस्वीर सरकार के वादों की पोल जरूर खोलती हैं आपको बता दें कि यह तस्वीर है फतेहपुर जिले के आदर्श नगर पंचायत खागा की है जहां पर भूख और मजबूरी ने एक मासूम के हाथ में कटोरा थमा दिया जिस नन्हे नन्हे हाथों में पढ़ने के लिए काफी किताबें व कलम होनी चाहिए वहां पर मजबूरी और भूख का कटोरा हाथ में है और मायूम दो वक्त की रोटी के लिए भीख मांगने को मजबूर है सवाल यह नहीं की मासूम के हाथ में कटोरा क्यों है सवाल यह है कि लाकडाउन के दौरान नगर पंचायत की गलियां सूनी है और उन सूनी रास्तों से होकर भीख मांगता हुआ यह मासूम जिले के किसी आला अधिकारी को या नगर पंचायत के कर्मचारी को नहीं दिखाई देता जानकारी के अनुसार खागा रेलवे स्टेशन के पास कुछ लोग करीब 1 साल पूर्व आकर यहीं पर अपना व्यवसाय करते थे जिससे उनकी दिन की रोजी रोटी चलती थी लेकिन लाकडाउन के दौरान उनका व्यवसाय बंद हो गया और अब उन्हें दो वक्त की रोटी नसीब नहीं होती जिससे मां-बाप किसी दूसरी गलियों में तो मासूम किसी दूसरी गलियों में पेट की भूख भी मिटाने के लिए हाथ में कटोरा लेकर भीख मांगता है पर लाकडाउन होने के कारण कभी-कभी जब गलियों में कोई नहीं मिलता तो मासूम को एक रुपए भी नसीब नहीं होता जिससे रात में उन्हें भूखा ही सोना पड़ता है और सुबह उठकर प्रतिदिन की भांति फिर हाथ में कटोरा उठा पेट की प्यास बुझाने के लिए दर-दर भटकना पड़ता है धन्य है इस देश की सरकार धन्य है इस देश के नेता जहां जुमले सजाए जाते हैं और रोज नए-नए नारे बनाए जाते हैं जिससे जनता के बीच सरकार लगातार सुर्खियों पर बनी रहती है पर कभी इन मासूमों की चेहरे की चमक नहीं देखी जाती कि आखिर उनके चेहरे पर आज उदासी क्यों है कि आखिर आज इन्हें खाने के लिए दो वक्त की रोटी नसीब हुई है या फिर ना है ।