FATEHPUR- शिव -पार्वती विवाह प्रसंग सुन मुग्ध हुए श्रद्धालु

यूपी फाइट टाइम्स
ठा. अनीष सिंह

फतेहपुर(ब्यूरो)– किशनपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आज गोदौरा गांव में भागवत कथा का 4 मार्च से आयोजन हो रहा है कल धुंधकारी गोकर्ण की कथा का विस्तार किया गया था। तो वही आज कथा व्यास आचार्य श्री देव शरण जी महाराज,व कु० भक्ति त्रिपाठी भगवान शिव व माता पार्वती विवाह प्रसंग विस्तार से सुनाते हुए कहा कि या भक्तों के लिए कल्याणकारी है जो सच्चे मन से कथा श्रवण करते हैं!वह भी दिल बाधा से परे होकर समाज में आदर्श प्रस्तुत करते हैं! कलयुग में कथा से बढ़कर कुछ भी नहीं है कथावाचक ने कहा कि भोलेनाथ तीनों लोगों के गुरु हैं! रक्षा के लिए विषपान किया उनकी कृपा सभी पर समान रूप से पढ़ती है मां पार्वती ने नारदजी ने बताए अनुसार मनवांछित पति को पाने के लिए कठोर तपस्या की तब भगवान से उन्हें पति के रूप में मिले विवाह दौरान भगवान शिव शमशान की भस्म लगाए गले में नर मुंड माला सर पर लपेटे नंदी पर सवार होकर भूत प्रेतों वर्णों की बारात लेकर विवाह मंडप पहुंचे जहां देवी देवताओं ने फूल वर्षा कर स्वागत किया विवाह संपन्न होते ही श्रोताओं से भरे पंडाल में करतल ध्वनि के साथ जय कारे की गूंज रही भोलेनाथ की बारात मां की विदाई प्रसंग रोचक बनाने के लिए आयोजक मंडल द्वारा विविध इंतजाम रहे आयोजक पूर्व प्रधान शिवपत सिंह ,सत्यनारायण सिंह, दिलीप सिंह, मुकेश सिंह, विक्रम, धर्मेंद्र सिंह, भूपत सिंह,मनोज कुमार शर्मा, हरिओम सिंह आदि लोग मौजूद रहे।।

*शिव -पार्वती विवाह प्रसंग सुन मुग्ध हुए श्रद्धालु*

यूपी फाइट टाइम्स

ठा. अनीष सिंह

*फतेहपुर(ब्यूरो)*- किशनपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आज गोदौरा गांव में भागवत कथा का 4 मार्च से आयोजन हो रहा है कल धुंधकारी गोकर्ण की कथा का विस्तार किया गया था। तो वही आज कथा व्यास आचार्य श्री देव शरण जी महाराज,व कु० भक्ति त्रिपाठी भगवान शिव व माता पार्वती विवाह प्रसंग विस्तार से सुनाते हुए कहा कि या भक्तों के लिए कल्याणकारी है जो सच्चे मन से कथा श्रवण करते हैं!वह भी दिल बाधा से परे होकर समाज में आदर्श प्रस्तुत करते हैं! कलयुग में कथा से बढ़कर कुछ भी नहीं है कथावाचक ने कहा कि भोलेनाथ तीनों लोगों के गुरु हैं! रक्षा के लिए विषपान किया उनकी कृपा सभी पर समान रूप से पढ़ती है मां पार्वती ने नारदजी ने बताए अनुसार मनवांछित पति को पाने के लिए कठोर तपस्या की तब भगवान से उन्हें पति के रूप में मिले विवाह दौरान भगवान शिव शमशान की भस्म लगाए गले में नर मुंड माला सर पर लपेटे नंदी पर सवार होकर भूत प्रेतों वर्णों की बारात लेकर विवाह मंडप पहुंचे जहां देवी देवताओं ने फूल वर्षा कर स्वागत किया विवाह संपन्न होते ही श्रोताओं से भरे पंडाल में करतल ध्वनि के साथ जय कारे की गूंज रही भोलेनाथ की बारात मां की विदाई प्रसंग रोचक बनाने के लिए आयोजक मंडल द्वारा विविध इंतजाम रहे आयोजक पूर्व प्रधान शिवपत सिंह ,सत्यनारायण सिंह, दिलीप सिंह, मुकेश सिंह, विक्रम, धर्मेंद्र सिंह, भूपत सिंह,मनोज कुमार शर्मा, हरिओम सिंह आदि लोग मौजूद रहे।।