FATEHPUR- ट्रकों से अवैध वसूली में एक बार फिर से छोटे आरक्षियों पर हुई कार्यवाही

ट्रकों से अवैध वसूली में एक बार फिर से छोटे आरक्षियों पर हुई कार्यवाही

यूपी फाइट टाइम्स
ठा. अनीष सिंह

फतेहपुर (ब्यूरो)– जनपद फतेहपुर के बिन्दकी तहसील अंतर्गत जहाँ पर 17 मई 2021 को ललौली चौराहे में देर रात आरक्षियों के अवैध वसूली करते हुए का एक ट्रक ड्राइवर द्वारा वीडियो बनाकर एंकरिंग के साथ सोशल मीडिया में वायरल कर दिया गया जिसके बाद हर बार की भांति इस बार भी उच्चाधिकारियों द्वारा कार्यवाही की तलवार सिर्फ छोटे तबके के आरक्षियों व सिपाहियों पर ही चलाई गयी जब कि बड़े स्तर पर बैठे अधिकारी इसकी जद में आने से पूरी तरह से बच जाते हैं और कार्यवाही की चपेट में छोटा कर्मचारी आ जाता है अगर हम बात करें इन अवैध वसूलियों की तो असल में जिस तरह से ट्रकों से अवैध वसूली की जा रही थी ये किसी छोटे तबके के आरक्षी या फिर सिपाही के अकेले की बस की बात नहीं है जो इस तरह से खुले आम ट्रकों से अवैध वसूली कर सके जब तक इन्हें ऊपर से आदेश या फिर इनके ऊपर बैठे लोग न चाहें तब तक इनकी इस तरह खुले आम वसूली करने की हिम्मत जुटा पाना इनके बस की बात नहीं है लेकिन जब जब इस तरह के अवैध वसूली की वीडियो जनपद में जहाँ कहीं भी वायरल हुई है तो उसमें विभागीय कार्यवाही के साथ साथ जो भी कार्यवाही की गई वो सिर्फ छोटे तबकों के कर्मचारियों के साथ में की गई क्या कभी ऐसी वसूली की वीडियो वायरल होने के बाद सम्बन्धित थाने के थानाध्यक्षों पर कार्यवाही कभी की गई नहीं क्यों ? इससे स्पष्ट है कि कहीं न कहीं इन सभी के पीछे उच्चाधिकारियों की भी मंशा साफ जाहिर होते हुए दिखाई पड़ती है जबकि बिन्दकी नगर से प्रतिदिन ओवर लोड वाहन सैंकड़ों की तादाद में निकलते हैं लेकिन कार्यवाही कुछ नहीं होती बल्कि आसानी से सम्बन्धित थाने से होकर निकल जाते हैं सूत्रों की माने तो इन ट्रकों को निकलवाने का ठेका बिन्दकी नगर के मठाधीश जो कि बाहर की गाड़ी लखनऊ,रायबरेली,सुल्तानपुर,गोण्डा बस्ती की गाड़ी पास करवाने के नाम पे वसूली कर के देते हैं। जो कि बिन्दकी नगर का ठेका काफी वर्षों से ले रखा है जो सम्बन्धित थानों को समय समय पर समझते रहते हैं जो ट्रक थानों को पार कराने वाले मठाधीशों से सम्पर्क साधे बिना ही निकलने की कोशिश करते हैं तो उन पर सम्बन्धित थाना अपनी वर्दी का रौब दिखा ट्रकों पर सीज की कार्यवाही कर अपनी खानापूर्ति करते हुए नजर आते हैं जो ट्रक थानों को समझता है उन्हें किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं होती लेकिन जो नहीं समझता उन पर कार्यवाही होना स्वाभाविक है यही भारत देश की विडम्बना है कि कार्यवाही की जद में सिर्फ आरक्षी व सिपाही ही क्यों आते हैं सम्बन्धित थाने के थानाध्यक्ष क्यों नहीं आते या फिर यूं कहें कि इन ओवर लोड वाहनों को अपने थानों की सीमा से पार कराने के एवज में आने वाली मोटी रकम उच्चाधिकारियों को पहुंचाने का जिम्मा इन्हीं पर होता है इसलिए इन्हें कार्यवाही की जद से दूर रखा जाता है