FATEHPUR- जिम्मेदारों से कहकर हार चुके किसानों ने शुरू किया प्राइवेट गौशाला का निर्माण

जिम्मेदारों से कहकर हार चुके किसानों ने शुरू किया प्राइवेट गौशाला का निर्माण

यूपी फाइट टाइम्स
ठा. अनीष सिंह

फतेहपुर (ब्यूरो)– योगी सरकार द्वारा गौवांशो की बिक्री पर रोक लगाए जाने के बाद सरकार ने को गौवांसो को गौशाला में रखने का किसानों से वादा किया था लेकिन सरकार का यह वादा आधा अधूरा रहा और अन्ना गौवांशो की जनसंख्या इस तरह बढी़ कि किसानों को अपनी फसल बचाने के लाले पड़ रहे है और किसान इस तरह की कड़ाके की ठंड में रातभर रतजगा कर अपने खेतो की रखवाली कर रहे हैं बावजूद इसके भी किसानों को अपनी फसल बचाने के लाले पड़े हैं और अन्ना जानवर किसानों की फसल चौपट कर रहे हैं ।
जानकारी के मुताबिक बता दें कि विजयीपुर विकासखंड के जमुना पट्टी इलाके पर अन्ना गोवांशो की जनसंख्या इस तरह से बढ़ रही है कि किसानों को अपनी फसल बचाने के लाले पड़े हैं और किसान कड़ाके की ठंड में रातभर रतजगा कर अपनी फसल बचाने के लिए कड़ाके की ठंड से लड़ रहे हैं आपको बता दें कि विजयीपुर विकासखंड के मडौली गांव के करीब एक सैकड़ा किसानों ने कुछ दिन पहले उच्च अधिकारियों से अन्ना गोवंश की बढ़ती जनसंख्या को लेकर शिकायत की थी और गांव में गौशाला निर्माण की मांग की थी लेकिन बेबस किसानों के हाथ खाली रहे और जिम्मेदारों ने इस पर चुप्पी साध ली बता दें कि कुछ दिन पहले किसानों ने उच्च अधिकारियों से शिकायत करते हुए गौशाला की मांग की थी जिस पर कुछ दिन पहले विजयीपुर के खंड विकास अधिकारी गोपीनाथ पाठक ने किसानों कि शिकायत को संज्ञान में लिया और ग्राम पंचायत मडौली पहुंचे जहां पर ग्रामीणों की मदद से करीब एक सैकड़ा अन्ना गौवांसो को क्षेत्र के ही बने अंजना भैरो गौशाला में बंद करवाया गया लेकिन खंड विकास अधिकारी की मेहनत उस समय स्वाहा हो गई जब दूसरे दिन वही जानवर किसानों की फसल फिर से बर्बाद करते नजर आए जिसके बाद ग्रामीणों ने एक बार फिर से खंड विकास अधिकारी से इसकी शिकायत की ग्रामीणों ने शिकायत करते हुए कहा कि अंजनी गौशाला में गौशाला कर्मियों द्वारा गोवांशो को निकाल दिया जाता है जिससे अन्ना गोवांश एक बार फिर से फसल बर्बाद करने के लिए पहुंच गए और वह हम लोगों की फसल बर्बाद कर रहे हैं जिसके बाद एक बार ग्रामीणों ने फिर एकजुटता दिखाई और करीब एक सैकड़ा गौवांशो को लेकर फिर अंजना गौशाला पहुंचे और वहां पर उन्हें बंद कर वापस लौट पड़े लेकिन हद तो तब हो गई जब किसानों से पहुंचने के पहले ही वहीं गोवांश किसानों की फसल बर्बाद करते नजर आए जिसके बाद किसानों ने जिम्मेदारों का सहारा लेना छोड़ दिया और गौशाला निर्माण पर डट गए ।
जानकारी के मुताबिक बता दे की बिजयीपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत मडौली में इस समय करीब 250 से अधिक अन्ना गोवंश हैं जो इस समय किसानों की फसल चौपट कर रहे हैं और किसान दाने-दाने को मोहताज हो रहा है गोवंश की बढ़ती जनसंख्या को देख जब जिम्मेदारों ने चुप्पी साध ली तो ग्रामीणों ने एकजुटता दिखाई और प्राइवेट गौशाला बनाने पर लग गए बता दें कि मडौली गांव के करीब एक सैकड़ा किसानों ने एकजुटता दिखाते हुए गांव में ही बांस बल्लियों के सहारे कटीली तार बांधकर प्राइवेट गौशाला का निर्माण करना शुरू कर दिया है ग्रामीणों का कहना है कि हमने कई उच्च अधिकारियों या जिम्मेदारों से गौशाला की मांग की लेकिन जिम्मेदारों द्वारा ठोस कदम नहीं उठाया गया और हमारी आधी से ज्यादा फसल बर्बाद हो गई जिससे तंग आकर हमने खुद प्राइवेट गौशाला का निर्माण कराना शुरू कर दिया है किसानों ने कहा कि अगर हम अन्ना गौवांशो की रोक थाम नही करते तो हम दाने दाने को मोहताज हो जाएगे किसानों ने यह भी बताया कि जो भी गौवांस गौशाला में रहेंगे उन्हें ग्रामीणों की मदद से खाने-पीने का इंतजाम किया जाएगा ग्रामीणों ने बताया कि खंड विकास अधिकारी द्वारा ग्राम प्रधान को गौशाला में होने वाले खर्च के बारे में निर्देशित किया गया है लेकिन ग्राम प्रधान भी हमारी एक सुनने को तैयार नहीं है जिससे हम लोग खुद मेहनत करके प्राइवेट गौशाला का निर्माण करवा रहे हैं लेकिन अब सोचने वाली बात यह है कि जो किसान जिम्मेदारों के लिए अन्न उगाकर देता है वही किसान जिम्मेदारों द्वारा क्यों ठुकरा दिया जाता है ।