FATEHPUR- घर बच्चों की पहली पाठशाला, माँ होती है प्रथम शिक्षक

यूपी फाइट टाइम्स
ओमनरायण विश्वकर्मा

फतेहपुर– धाता कस्बे के सरस्वती विद्या मंदिर इण्टर कॉलेज धाता में मदर डे के कार्यक्रम में बच्चों के साथ साथ अभिभावकों ने भी डिजिटल माध्यम से प्रतिभाग किया। कॉलेज प्रबंधक राम सिंह ने बताया कि किताबो से अलग नैतिक और मौलिक शिक्षा का बोध बच्चों को होना चाहिए और यह शिक्षा बच्चे सबसे पहले अपने घरों में अभिभावकों से सींखते हैं। इस हिसाब से बच्चों की पहली पाठशाला उनका घर और प्रथम शिक्षक पेरेंट्स होते हैं। इसलिए हमेंशा सुबह उठने के बाद सर्वप्रथम माता-पिता के चरण स्पर्श कर आर्शीवाद लेना चाहिए। वहीं अपने गुरूओं से भी ऐसे संबंध और व्यवहार रखे की हमेंशा वे आप जैसे शिष्यों को पढ़ाने लालायित रहे और आप उनसे उनका 100 प्रतिशत सींख सकें। प्रधानाचार्य प्रदीप सिंह ने कहा कि मां प्रकृति की उन खूबसूरत रचनाओं में से एक है जिसके आगे स्वयं ईश्वर भी नतमस्तक हुए हैं, फिर चाहे वो राम हो कृष्ण हों या फिर सिद्धि विनायक गणेश हों। बेटा या बेटी कितने ही बुद्धिमान क्यों न हो लेकिन मां के आगे वे उनके प्यारे बच्चे ही होते हैं। स्कूल की संचालिका कल्पना सिंह ने बताया कि बच्चों को क्वांटिटी टाइम न देकर क्वालिटी टाइम दें एवं उनपर अपने फैसले न थोपकर उनको फैसले लेने के लिए सक्षम बनाएं। मदर्स डे पर स्कूल की छात्रा निकेता त्रिपाठी, खुशी केशरवानी सहित सैकड़ों छात्राओं ने बढ़ चढ़ का प्रतिभाग किया। इस मौके पर जितेंद्र सिंह, प्रदीप, शुभम, कुलदीप,अनूप, अजय, अवधेश, वीरेंद्र, सदाशिव व कल्यान सिंह सहित समस्त स्टाफ डिजिटल माध्यम से जुड़े रहे।

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फतेहपुर– धाता कस्बे के सरस्वती विद्या मंदिर इण्टर कॉलेज धाता में मदर डे के कार्यक्रम में बच्चों के साथ साथ अभिभावकों ने भी डिजिटल माध्यम से प्रतिभाग किया। कॉलेज प्रबंधक राम सिंह ने बताया कि किताबो से अलग नैतिक और मौलिक शिक्षा का बोध बच्चों को होना चाहिए और यह शिक्षा बच्चे सबसे पहले अपने घरों में अभिभावकों से सींखते हैं। इस हिसाब से बच्चों की पहली पाठशाला उनका घर और प्रथम शिक्षक पेरेंट्स होते हैं। इसलिए हमेंशा सुबह उठने के बाद सर्वप्रथम माता-पिता के चरण स्पर्श कर आर्शीवाद लेना चाहिए। वहीं अपने गुरूओं से भी ऐसे संबंध और व्यवहार रखे की हमेंशा वे आप जैसे शिष्यों को पढ़ाने लालायित रहे और आप उनसे उनका 100 प्रतिशत सींख सकें। प्रधानाचार्य प्रदीप सिंह ने कहा कि मां प्रकृति की उन खूबसूरत रचनाओं में से एक है जिसके आगे स्वयं ईश्वर भी नतमस्तक हुए हैं, फिर चाहे वो राम हो कृष्ण हों या फिर सिद्धि विनायक गणेश हों। बेटा या बेटी कितने ही बुद्धिमान क्यों न हो लेकिन मां के आगे वे उनके प्यारे बच्चे ही होते हैं। स्कूल की संचालिका कल्पना सिंह ने बताया कि बच्चों को क्वांटिटी टाइम न देकर क्वालिटी टाइम दें एवं उनपर अपने फैसले न थोपकर उनको फैसले लेने के लिए सक्षम बनाएं। मदर्स डे पर स्कूल की छात्रा निकेता त्रिपाठी, खुशी केशरवानी सहित सैकड़ों छात्राओं ने बढ़ चढ़ का प्रतिभाग किया। इस मौके पर जितेंद्र सिंह, प्रदीप, शुभम, कुलदीप,अनूप, अजय, अवधेश, वीरेंद्र, सदाशिव व कल्यान सिंह सहित समस्त स्टाफ डिजिटल माध्यम से जुड़े रहे।