FATEHPUR- पत्रकारिता है लोकतंत्र का अविभाज्य अंग :- नागेश त्रिपाठी

पत्रकारिता है लोकतंत्र का अविभाज्य अंग :- नागेश त्रिपाठी

संवाददाता ठाकुर अनीश सिंह

फतेहपुर: वैसे तो पत्रकारिता में बहुत सारे गौरवशाली और यादगार दिन हैं, लेकिन आज का दिन कुछ अधिक ही महत्वपूर्ण है क्योंकि आज के ही दिन 30 मई 1826 को कलकत्ता (Kolkata) में भारत का पहला हिंदी अखबार उद्गम हुआ था। तब से इस दिन को हिंदी पत्रकारिता दिवस के रूप में मनाया जाता है। आपको बता दें कि भारत में प्रकाशित होने वाला पहला हिंदी भाषा का अखबार, उदंत मार्तंड (द राइजिंग सन), 30 मई 1826 को शुरू हुआ। इस दिन को “हिंदी पत्रकारिता दिवस” के रूप में मनाया जाता है, क्योंकि इसने हिंदी भाषा में पत्रकारिता की शुरुआत को चिह्नित किया था।
वर्तमान में हिन्दी पत्रकारिता ने अंग्रेजी पत्रकारिता के दबदबे को खत्म कर दिया है। पहले देश-विदेश में अंग्रेजी पत्रकारिता का दबदबा था लेकिन आज हिन्दी भाषा का झण्डा चहुंदिश लहरा रहा है। 30 मई को ‘हिन्दी पत्रकारिता दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। नागेश त्रिपाठी ने पत्रकारिता का महत्व समझाते हुए बताया कि पत्रकारिता तमाम जनसमस्याओं एवं सवालों से जुड़ी होती है, समस्याओं को प्रसासन के सम्मुख प्रस्तुत कर उस पर बहस को प्रोत्साहित करती है । समाज जीवन के हर क्षेत्र में आज पत्रकारिता की महत्ता स्वीकारी जा रही है । आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक, विज्ञान, कला सब क्षेत्र पत्रकारिता के दायरे में हैं । पत्रकारिता के मूल उद्देश्य सूचना देना, शिक्षित करना तथा जनता की समस्याओं को प्रशासन के सम्मुख रखना है। अपनी बहुमुखी प्रवृतियों के कारण पत्रकारिता व्यक्ति और समाज के जीवन को गहराई तक प्रभावित करती है।