FATEHPUR- खसरा बनाने के नाम पर लेखपाल पर दो हजार की रिश्वत लेने का आरोप

योगी सरकार भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए तरह तरह की नीति अपनाने की बात कह रही है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भ्रष्टाचार के मामलों पर कड़ी कार्रवाई भी कर रहे है। प्रदेश की नौकरशाही को सख्त संदेश दे रहे हैं, लेकिन भ्रष्टाचार पर लगाम की नीति फेल होती नजर आ रही है।

ताजा मामला फतेहपुर जनपद के सदर तहसील के जमरावां हल्के के लेखपाल चंद्रकुमार पटेल का है, आपको बता दें सदर तहसील के जमरावां हल्के में तैनात भ्रस्ट लेखपाल चंद्रकुमार पटेल की जिलाधिकारी अपूर्वा द्धिवेदी से शिकायती पत्र देते हुए हुसेनगंज थाना क्षेत्र के पूरेसुदा निवासी 65वर्षीय बुजुर्ग कृष्णानंद पुत्र रामगोपाल ने हल्का लेखपाल पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। कृष्णानंद का आरोप है कि लेखपाल ने इंतखाब खसरा व हिस्साफांट बनाने के नाम पर उससे 2हजार रुपये की मांग की 1हजार रुपये दिया तो लेखपाल ने उनका हिस्साफांट खसरा गलत बना दिया, जब पीड़ित किसान क्रेडिट कार्ड फ़ाइल बनवाने के लिए बैंक के वकील के पास गया तो उन्होंने गलत बताते हुए वापिस किया तो पीड़ित कृष्णानंद फिर लेखपाल चंद्रकुमार के पास गया तो लेखपाल ने फिर से पूरे काग़ज बनने की बात कही और 2हजार रुपये की फिर मांग की पीड़ित का आरोप है कि मैं मजबूर होकर फिर से पैसा दिया हूँ , बार बार लेखपाल द्वारा गरीब का शोषण करने पर पीड़ित ने डीएम से मामले की जांच कर लेखपाल के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।

अब देखने वाली बात यह है कि फतेहपुर में राजस्व विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इस मामले पर क्या रुख अपनाते हैं। वहीं इस मामले में तहसीलदार सदर विदुषी सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा हमारे पास अभी कोई शिकायती पत्र नही आया, अगर आता है तो जांच कराकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।