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शिकायत करने गए पीड़ित को दरोगा ने बुरी तरह पीटा

समझौता न करने पर आग बबूला हुआ था रंगबाज दरोगा

यूपी फाइट टाइम्स
ठा. अनीष सिंह

फतेहपुर (ब्यूरो)– जनपद में जहां तेजतर्रार और ईमानदार पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल के आने के बाद लोगों को ऐसा लगा था कि शायद अब पुलिसिया कार्यशैली थोड़ी बेहतर होगी लेकिन जनपद में अभी भी कुछ रंगबाज दरोगा ऐसे हैं जो ईमानदार पुलिस अधीक्षक की छवि को धूमिल करने पर कसर नहीं छोड़ते और गरीबों पर अपनी वर्दी की रौब झाड़ मारपीट पर आमादा हो जाते हैं।
ताजा मामला किशनपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत गाजीपुर गांव का है जहां दो पक्षों के बीच विवाद हुआ था जिसकी शिकायत लेकर पीड़ित पक्ष थाने पहुंचा था जहां रंगबाज दरोगा शिवनाथ यादव ने अपना आपा खोते हुए पीड़ित को लात घूसों से बुरी तरह से पीट दिया दरअसल मामला यह था कि किशनपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत गाजीपुर गांव के रहने वाले विमल विश्वकर्मा से गांव के ही रहने वाले पुष्पेंद्र यादव, जितेंद्र यादव, कुशल यादव, के बीच मारपीट हुई थी जिसके बाद विमल विश्वकर्मा अपनी तहरीर लेकर किशनपुर थाने पहुंचा कि यह सारा बवाल हो गया विमल विश्वकर्मा ने दरोगा शिवनाथ यादव पर आरोप लगाते हुए बताया कि जैसे ही मै किशनपुर थाने पहुंचा इससे पहले दरोगा जी के समर्थकों का फोन दरोगा जी तक पहुंच चुका था जिसके बाद दरोगा जी से मैंने आप बीती बताई तो दरोगा शिवनाथ यादव ने दबंगों का पक्षपात करते हुए मामले को शांत करने की बात कही गई लेकिन पीड़ित ने दबंगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की लेकिन दरोगा जी यह कहां करने वाले थे क्योंकि दबंग दरोगा जी के भक्त जो निकले फिर क्या था पीड़ित ने जैसे तैसे शिकायती पत्र लेकर ईमानदार थाना अध्यक्ष पंधारी सरोज के समक्ष पहुंच गया जिस पर थाना अध्यक्ष ने तुरंत कार्रवाई करने की बात कही और पीड़ित को मेडिकल के लिए भेज दिया लेकिन मामले को गंभीर होते देख दरोगा जी ने अपने समर्थकों को फोन कर थाने बुला लिया और उसी दौरान थाना अध्यक्ष गश्त के लिए निकल गए जिसके बाद पीड़ित विमल विश्वकर्मा मेडिकल कराकर वापस थाने आ गया विमल विश्वकर्मा जैसे थाने पहुंचा कि उससे पहले विमल विश्वकर्मा को पीटने वाले दबंग बाबू थाने पर बैठे नाश्ता पानी कर रहे और दरोगा शिवनाथ यादव ठहाका मार दबंगों से मजे ले रहे थे जैसे ही विमल विश्वकर्मा थाने पहुंचा दरोगा जी ने विमल विश्वकर्मा पर मामले पर समझौता करने की बात कही और खुद मजिस्ट्रेट बन बैठे लेकिन पीड़ित ने समझौता करने से इंकार कर दिया जिसके बाद रंगबाज दरोगा जी का पारा सातवें आसमान में पहुंच गया और फिर विमल विश्वकर्मा को लात घूसों से बुरी तरीके से पीट दिया और लाकर में डाल दिया लेकिन उसी दौरान परिजनों ने इसकी सूचना जैसे ही उच्च अधिकारियों को फोन पर दी की हड़कंप मच गया और आनन-फानन में रंगबाज दरोगा ने पीड़ित वा दबंगों पर 151 के तहत कार्रवाई कर चालान कर अपने आप को बेदाग बचाना चाहा ।
वही पीड़ित बिमल विश्वकर्मा ने दारोगा पर आरोप लगाते हुए बताया कि दरोगा जी द्वारा दबंगों से मोटी रकम ली और मुझ पर मामले में सुलह समझौता कराने का दबाव बनाने लगे मेरे ना मानने पर दरोगा जी आग बबूला हो गए और कुर्सी से उठकर लात घूसों से मुझे बुरी तरह पीट दिया जिससे पीड़ित परिवार डरा हुआ है वही पीड़ित ने बताया कि वह न्याय के लिए तेजतर्रार ईमानदार पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल से गुहार लगाएगा न्याय न मिलने पर पुलिस अधीक्षक आवास के सामने अपनी जान दे देगा ।