You are currently viewing FATEHPUR- सत्ता के अलंबरदारों के दबाव में तहसील प्रशासन के आदेश बेअसर लामबंद हुए ग्रामीण

सत्ता के अलंबरदारों के दबाव में तहसील प्रशासन के आदेश बेअसर लामबंद हुए ग्रामीण

यूपी फाइट टाइम्स
ठा. अनीष सिंह

फतेहपुर(ब्यूरो)– राजस्व की जमीन में अवैध कब्जों के खिलाफ एक तरफ प्रदेश सरकार द्वारा कड़े निर्देश जारी कर राजस्व की जमीनों को कब्जा मुक्त कराने का अभियान चलाया जा रहा है तो दूसरी ओर अवैध तरीके से जमीन कब जाने के आरोप में भू माफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्यवाही भी हो रही है। जिससे प्रदेशभर के भू माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है। लेकिन दूसरी ओर दलबदल व सत्ता संरक्षण के चलते कई नामचीन भू माफियाओं के खिलाफ अभी तक कार्रवाई ना होने से सरकार की कार्यशैली व सत्ता पक्ष के अलंबरदारों के द्वारा संरक्षण दाता बनने से भू माफियाओं व अवैध कब्जे दालों के खिलाफ चल रही कार्रवाई में कई बार व्यवधान व रोड़ा भी लगता रहा है। जिससे इनकार नहीं किया जा सकता
ताजा मामला फतेहपुर जनपद के मलवाँ विकासखंड के अलीपुर ग्राम सभा का है जहां 80 वर्ग मीटर का आवासीय पट्टा मिलने के बाद पट्टा धारक द्वारा आवासीय पट्टा की जमीन के साथ लगभग एक बिस्वा से अधिक नामित घूर गड्ढा की जमीन पर अवैध मकान निर्माण कर लिया। ग्रामीणों के विरोध दर्ज कराने पर मामला सत्ता के गलियारों से होते हुए उच्चाधिकारियों की टेबल तक पहुंचा। जहां ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध निर्माण की कार्रवाई से भाई अवनीश कुमार को बचाने के लिए पूर्व भाजपा जिला उपाध्यक्ष कमलेश योगी ने सत्ता के दबाव प्रभाव का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। राजस्व कर्मी सहित प्रशासन के ऊपर सत्ता से जुड़े लोगों के फोन घन घनानें लगे रामकिशोर, रामप्रसाद, राकेश, पवन कुमार, राम अवतार, महेंद्र, दुर्गेश कुमार ,विकास सिंह, ब्रह्मदत्त, विनीत , ने संयुक्त हस्ताक्षर कर एक लिखित प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि 664 गाटा संख्या पर खाद गड्ढे के नाम पर लगभग 10 बिस्वा जमीन अभिलेखों में दर्ज है जिसकी रिपोर्ट राजस्व कर्मी उत्तम सिंह द्वारा उच्च अधिकारियों को भेजी गई है। बावजूद इसके हम ग्रामीणों को गोबर डालने से मना किया जा रहा है। प्रशासन द्वारा सत्ता के दबाव में घूर न डालें हम लोग इसको को लेकर दबाव बनाया जा रहा है। प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया बिना मौके में गए हैं सत्ता के एक प्रतिनिधि ने अधिकारियों पर बेवजह दबाव बना रहे हैं। जिससे हम ग्रामीणों में भाजपा के कार्यकर्ताओं की इस कार्यशैली के खिलाफ आक्रोश है। ऐसे लोग प्रदेश की योगी सरकार की छवि खराब कर किरकिरी करा रहे हैं।

उधर स्थानीय प्रशासन द्वारा संक्रामक बीमारी का हवाला देकर खाद गड्ढा हमें भूल गोबर डालने पर ऐतराज जता रहे हैं।

जबकि वास्तविक स्थिति से कोसों दूर है नामित खाद गड्ढों मैं घर नहीं पड़ेंगे कहां पड़ेंगे। मौके में एक नव निर्मित मकान ठीक बना है। जिसमें अभी परिवार नहीं रहते भूसा भंडारण ही हो रहा है। आबादी के बाहर ही खाद गड्ढे कि नामित जमीन होती है ऐसे में आबादी कैसे प्रभावित होगी। यह तो जांच का विषय है। पूरे मामले की जल्द ही शिकायत डीएम से मिलकर हम सभी करेंगे।