FATEHPUR- बड़ा निराला है अपराधियों को पकड़कर छोड़ने वाला चौकी प्रभारी का सिस्टम का खेल

बड़ा निराला है अपराधियों को पकड़कर छोड़ने वाला चौकी प्रभारी का सिस्टम का खेल

यूपी फाइट टाइम्स
राजेश गौतम

चौडगरा / फतेहपुर– जनपद में भले ही पुलिस अधीक्षक द्वारा शराब माफियाओं पर शिकंजा कसने की बात कही जा रही हो और शराब माफियाओं के प्रति आए दिन अभियान चलाया जा रहा हो पर अवैध शराब माफिया सिस्टम का खेल बनाकर इस तरह से हावी होते चले जा रहे हैं जैसे कुर्सी पर बैठे हुए अफसर इन माफियाओं की नौकरी कर रहे हैं ।
ताजा मामला फतेहपुर जनपद के कल्याणपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत चौडगरा चौकी के तहत का है जहां पर चौकी प्रभारी के संरक्षण पर खुलेआम अवैध शराब का कारोबार किया जा रहा है और तेजतर्रार ईमानदार पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल की छवि धूमिल की जा रही है और उनकी मेहनत पर पानी फेरा जा रहा है तो बता दे कि पूरा मामला चौडगरा चौकी के अंतर्गत आने वाले जोगापुर गांव का है जहां कई दिनों पहले लॉकडाउन के समय से अवैध रूप से शराब बेचने वालों पर चौड़गरा चौकी प्रभारी मेहरबान और उन्हें संरक्षण देकर अवैध शराब का कारोबार धड़ल्ले से करवा रहे हैं बताया यह जा रहा है कि जोगापुर या अन्य कई गांव ऐसे हैं जहां अवैध शराब की कालाबाजारी जोरों पर है जिसको देखते हुए चौकी प्रभारी छापेमारी तो करते हैं लेकिन बिक्री करने वालों पर इस कदर मेहरबान है उन्हें पकड़कर चौकी ले जाते हैं और सिस्टम के खेल में इस तरह मिल जाते हैं कि शराब माफियाओं पर बिना कार्रवाई किए उन्हें छोड़ दिया जाता है इतना ही नहीं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अवैध शराब की बिक्री करने वालों को एक बार नहीं कई बार धर दबोचा गया पर चौकी प्रभारी के रहमों करम से इन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई और इन्हें बाइज्जत बरी कर दिया गया जिससे शराब माफियाओं के हौसले और भी बुलंद हो गए वही जब मामले को लेकर मीडिया द्वारा चौकी प्रभारी से सवाल किए गए तो उन्होंने बताया कि मामला हमारे संज्ञान में नहीं हो सकता है किसी दूसरे दरोगा जी ने पकड़ा हो और छोड़ दिया हो अब सोचने वाली बात यह है की चौकी के मालिक कुर्सी पर बैठे हैं और इन्हें यह तक नहीं पता कि आखिर कौन सा सिपाही कौन सा गुल खिला रहा है या फिर अपने बचाव के लिए अब झूठी बातें बनाकर गोल मटोल बातें की जा रही है लेकिन अब मामला तेजतर्रार पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल की चौखट तक पहुंच गया है लोगों ने इसकी शिकायत फोन कर पुलिस अधीक्षक से की है अब देखना यह है कि क्या तेजतर्रार पुलिस अधीक्षक ऐसे भ्रष्ट लोगों पर कार्यवाही करते हैं या फिर इन्हें छोड़ देते हैं ।