FATEHPUR- ग्राम प्रधान पर सरकारी पैसे को गबन करने का ग्रामीणों ने लगाया आरोप

*ग्राम प्रधान पर सरकारी पैसे को गबन करने का ग्रामीणों ने लगाया आरोप*

*लगातार शिकायत के बाद भी जांच करने से क्यों कतरा रहे जिले के उच्च अधिकारी*

यूपी फाइट टाइम्स

ठा. अनीष सिंह*

फतेहपुर(ब्यूरो)*- फतेहपुर जनपद में लगातार ग्राम प्रधानों द्वारा सरकारी पैसे का दुरुपयोग करने की शिकायत जिले के उच्च अधिकारियों से लगातार की जा रही हैं लेकिन जिले के उच्च अधिकारियों ने शिकायतों को संज्ञान में नहीं लिया और वही कारण है कि पूरे 5 साल बीत गए और ग्राम प्रधानों ने बिना किसी डर के सरकारी पैसे का खूब बंदरबांट किया लगातार ग्रामीण जिले के आला अधिकारियों के दफ्तर के चक्कर लगाते रहे और ग्राम प्रधान से के खिलाफ जांच की मांग करते रहे लेकिन उच्च अधिकारियों ने शिकायतों को संज्ञान में नहीं लिया । मिली जानकारी के अनुसार फतेहपुर जनपद के विजयीपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत रायपुर भसरौल के करीब एक दर्जन से अधिक लोगों ने सोमवार को जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देते हुए जांच की मांग की है ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम प्रधान द्वारा पिछले 5 सालों में विकास के नाम पर सरकारी पैसे का खूब बंदरबांट किया गया है ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को शिकायत पत्र देते हुए पिछले 5 सालों में कराए गए कार्यों का ब्यौरा भी पेश किया है वहीं ग्रामीणों ने शिकायती पत्र देते हुए ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव पर करोड़ों का गबन करने का आरोप लगाते हुए बताया कि पिछले 5 सालों में ग्राम पंचायत रायपुर भसरौल में सरकारी पैसे का पंचायत सचिव व ग्राम प्रधान की सांठगांठ से सरकारी पैसे का खूब दुरुपयोग किया गया है और जो धनराशि अब तक सरकार द्वारा ली गई है उसमे मात्र 10% ही काम कराया गया है जबकि 90% सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है अब सोचने वाली बात यह है कि इसी ग्राम पंचायत में पिछले 5 सालों से लगातार ग्रामीण ग्राम प्रधान पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए उच्च अधिकारियों को शिकायती पत्र देकर जांच की मांग करते रहे लेकिन जिले में बैठे उच्च अधिकारियों ने मामले में चुप्पी साध ली है अब इसे सांठगांठ कहे या सिस्टम का खेल या फिर सफेदपोश नेताओं का दबाव जिसके दम पर जिले के आला अधिकारी ऐसे भ्रष्ट ग्राम प्रधानों पर कार्यवाही करने से डरते है या फिर मामले मे ग्रामीण झूठे हैं जो ग्राम प्रधान पर लगातार फर्जी आरोप लगाते हैं यह एक बड़ा विषय बना हुआ है अब देखना यह है कि क्या जिले की कमान पर बैठी नवनियुक्त जिला अधिकारी अपूर्वा दुबे ग्रामीणों की शिकायत को संज्ञान में लेती हैं या फिर मामले से पल्ला झाड़ लेते हैं ।