FATEHPUR- आवास योजना में घोटाले बाजी को लेकर ग्रामीणों ने की शिकायत

आवास योजना में घोटाले बाजी को लेकर ग्रामीणों ने की शिकायत

अपात्र को आवास आवंटन में निलंबित हुए ग्राम सचिव

यूपी फाइट टाइम्स
ठा. अनीष सिंह

फतेहपुर(ब्यूरो)– फतेहपुर जनपद के बिजयीपुर विकासखंड की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत मे सबसे बड़े घोटाले का खेल चरम सीमा पर है और अधिकारी इस भ्रष्टाचार की पोल खोलने के बजाय इस पर पर्दा डालने पर लगे हुए हैं
जानकारी के मुताबिक विजयीपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत गढ़ा विकास खंड की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत है जहां सरकार का लाखों रुपया भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा है, और जिम्मेदार इस पर चुप्पी साध इस खेल का हिस्सा बन रहे हैं बता दें कि विजयीपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत गढ़ा में विकास कार्यों के लिए सरकार द्वारा मोटी रकम दी जाती है पर इस पर कुछ जिम्मेदारों व ग्राम प्रधान की सह से सरकारी पैसे का खूब बंदरबांट किया जा रहा है इसकी शिकायत ग्रामीणो ने एक बार नहीं करीब दसों बार जिले के आला अधिकारियों से कर चुके हैं।
लेकिन जिले के आला अधिकारियों ने ग्रामीणों की शिकायतों पर सिर्फ खानापूर्ति की है, जिससे गढ़ा ग्राम पंचायत में सरकारी पैसे का खूब बंदरबांट किया गया है जानकारी के मुताबिक बता दे कि गढ़ा ग्राम पंचायत के कुछ ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी के समक्ष शिकायती पत्र देते हुए शिकायत की है ग्रामीणों ने शिकायती पत्र देते हुए बताया कि ग्राम पंचायत गढ़ा में सरकारी योजनाओं का लाभ सिर्फ मोटी रकम देने वालों को या फिर दबंगों को मिला है जबकि गरीबों को सरकारी योजना के लाभ से वंचित रखा गया है।
ग्रामीणों ने शिकायती पत्र देते हुए बताया कहा कि हम गरीबों को अभी तक सरकारी आवास मुहैया नहीं हो सका है जबकि हमारा नाम आवास योजना की सूची पर आया था जिस पर गांव के ही कुछ नेता प्रवृति के लोगों व प्रधान द्वारा विकासखंड के अधिकारियों से सांठगांठ कर बिना सत्यापन किए ही हमारा नाम आवास योजना की सूची से काट दिया गया है, जबकि सत्यता में हम आवास योजना के पात्र हैं और पात्रता सूची मैं चयनित होने के बावजूद भी हमें आवास का लाभ नहीं दिया गया है वहीं ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा कि गांव के कुछ नेता प्रवृति के लोगों व ग्राम प्रधान की सांठगांठ के चलते आवास योजना की लिस्ट में उलटफेर करने का खेल जारी है और सरकार द्वारा चयनित लिस्ट में कई नाम बिना सत्यापन के ही काटे जा रहे हैं और मोटी रकम लेकर दबंगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है ।
वही ग्रामीणों ने बताया कि हमने एक बार नहीं करीब दसों बार भ्रष्टाचार की शिकायत जिले के आला अधिकारियों से कर चुके हैं पर जिले के आला अधिकारी सिर्फ खानापूर्ति कर पल्ला झाड़ लेते हैं और हम लोगों की शिकायतों को अनसुना कर देते हैं उसकी वजह गांव के ही कुछ नेता प्रवृति के लोग व कुछ जिम्मेदार हैं जिनकी सह पर ऐसा कार्य किया जा रहा है।
कुछ ग्रामीणों ने यहां तक आरोप लगाया कि सूची में नाम होने के बाद भी क्रम बद्ध तरीके से पैसे का आवंटन नहीं किया गया और जिन लोगों ने सुविधा शुल्क दी उनके नाम को 300 लोगो की सूची से छेड़छाड़ के
112 लोगों के नाम आवास आवंटन में भेज दिए गए जो की पात्रता की सूची में क्रम बद्ध तरीके से नहीं थे। यहाँ तक कि उन लोगों को आवास आवंटन की पहली किस्त भी भेज दी गई है