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करोड़ों की लागत से बनी पानी टंकी पड़ी वीरान, सप्लाई ठप

यूपी फाइट टाइम्स
ठा. अनीष सिंह

फतेहपुर (ब्यूरो)– जहां सरकार द्वारा लोगों को बेहतर पेयजल व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं तो वहीं दूसरी ओर कुछ ऐसी हैरान कर देने वाली तस्वीरें है जो सरकार के दावों की पोल खोलती है जहां सरकार की करोड़ों रुपए की संपदा खंडहर में तब्दील होकर वीरान पड़ी है और सरकार द्वारा ग्रामीणों के पेयजल व्यवस्था के लिए उठाए गए कदमों पर ब्रेक लग गया है
जानकारी के मुताबिक किशनपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत गढ़ा का मजरा कहे जाने वाले रग्घुपुर में बनी पानी की टंकी सालों से वीरान पड़ी हुई है और इस ओर किसी भी सक्षम अधिकारी व नेता का ध्यान नहीं जाता या यूं कहें सब कुछ जानने के बाद इस ओर दिमाग को दौड़ाया ही नहीं जाता खैर कुछ भी हो पर ज्ञात हो कि आज से लगभग 30 वर्ष पूर्व इस गांव में पानी टंकी का निर्माण कराया गया था सन् 1990 में इस गांव में पानी टंकी का निर्माण हुआ जिससे कि लोगों को घर-घर तक पानी पहुंचाया जा सके लेकिन इस समय इस टंकी के हालात इस तरह है कि शायद इसकी सूरत देखकर भी तरस आ जाए ना तो टंकी की बाउंड्री बची है और ना ही दीवार और तो और सब छोड़िए यहां पर तैनात ऑपरेटर साहब भी मौके में रफू चक्कर है और उनका कोई अता-पता नहीं है ज्ञात हो कि जब इस पानी टंकी का निर्माण कराया गया था तो क्षेत्र के लोगों को एक आस जगी थी कि शायद पेल जल समस्या से निजात मिलेगी लेकिन सरकार के दावों की हकीकत तो जान लीजिए पानी मिलना तो दूर टंकी से जाने वाली पाइपलाइन भी टूंटी पड़ी है और महज रग्घुपुर गांव में ही इस टंकी की पाइपलाइन सही सलामत बची है बता दें कि रग्घूपुर गांव में बनी पानी टंकी से चंदापुर, अर्जुनपुर, अवधूतपुर, भवानीपुर, शिवपुर, बरहा, गढ़ा,चितनपुर, जैसे कई गांव में पानी की सप्लाई होती थी जो कुछ दिन चलने के बाद धडाम हो गई सवाल यह उठता है कि करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद सरकार ऐसी संपदा को वीरान क्यों छोड़ देती है खैर कुछ भी हो पर अब ग्रामीणों को इस पानी टंकी से पानी मिलने की आस छूट चुकी है और अब ग्रामीण इसे खड़हर समझ बैठे हैं ।
वही क्षेत्रीय लोगों संजय तिवारी, वीरेंद्र त्रिपाठी, जितेंद्र त्रिपाठी, ननकू त्रिपाठी, नागेश त्रिपाठी, व राजू त्रिपाठी जैसे कई अन्य लोगों ने बताया कि जब इस टंकी को बनाया गया था इसके बाद से कुछ दिन तक ही इस टंकी से पानी की सप्लाई हुई लेकिन कुछ दिन बीत जाने के बाद यह टंकी वीरान की तरीके पड़ी है और इस टंकी से पानी की सप्लाई नहीं होती ।