मजदूरों के समस्याओं के निस्तारण के प्रति गंभीर नही है सरकारभागीदारी संकल्प मोर्चा ने जिलाधिकारी को दिया ज्ञापन

कौशांबी जन अधिकार पार्टी के बैनर तले 1 जून से 7 जून तक मजदूरों की तमाम समस्याओं को लेकर पार्टी ने आंदोलन चलाया था कि मजदूरों की समस्याओं का निराकरण सरकार करें लेकिन मजदूरों की समस्याओं के निस्तारण के प्रति सरकार ने कोई सक्रियता नहीं दिखाई है 
जिस पर भागीदारी संकल्प मोर्चा द्वारा आज जिलाधिकारी कार्यालय में राज्यपाल और राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन के माध्यम से यह कहा गया है कि दलितों पिछड़ों अल्पसंख्यकों के विरुद्ध हो रहे उत्पीड़न अन्याय एवं अत्याचार को रोका जाय और मजदूरों की समस्याओं के निस्तारण के लिए एकमुश्त कम से कम 15 हाजर दिए जाएं जब तक मजदूरों की स्थिति ठीक ना हो जाए तब तक उन्हें साढे सात हजार रुपये प्रति महीना सरकार द्वारा दिया जाए 

किसानों के उनके उत्पादन का समर्थन मूल्य बिना बिचौलियों के उपलब्ध कराया जाए तथा किसानों का कर्ज माफ किया जाए बिजली का बिल माफ किया जाय इतना ही नहीं जन अधिकार पार्टी ने कहा कि अभी भी जो मजदूर अपने अपने घरों तक नहीं पहुंच पाए हैं उनको उनके घरों तक सरकारी खर्च से पहुंचाया जाए ज्ञापन में कहा गया कि छोटे व्यापारियों एवं फुटकर दुकानदारों को पुनः व्यापार शुरू करने के लिए समुचित सहायता राशि भी सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाए प्रदेश में जितने भी प्राइवेट विद्यालय चल रहे हैं सभी विद्यालय को अप्रैल मई-जून की फीस पूर्णतया माफ करने का निर्देश दिया जाए 
जिलाधिकारी कार्यालय में ज्ञापन देने वालों में करन मौर्या अनिल कुशवाहा मिथलेश मौर्य सुनील कुशवाहा दीपू मौर्या शिव भवन कुशवाहा मनीष कुमार ज्ञान चंद्र पिंटू कुशवाहा अनिल पाल सतीश पाल सहित दर्जनों लोग शामिल रहे