ग्रामीण बैंक के अधिकारी एवं कर्मचारी भी 15 एव 16 मार्च हड़ताल

कौशाम्बी

ग्रामीण बैंक के अधिकारी एवं कर्मचारी भी 15 एव 16 मार्च हड़ताल

यूनाइटेड फोरम ऑफ आर आर बी यूनियंस के आवाहन पर आल इंडिया रीजनल रूरल बैंक एम्प्लाइज एसोसिएशन के द्वारा भी बैंकिंग उधोग में भारत सरकार की बैंको को निजीकरण करने की नीति का यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन द्वारा किये जा रहे विरोधस्वरूप दो दिवसीय हड़ताल का पूर्ण समर्थन करते हुए कौशाम्बी रीजन 61 शाखाओ के अधिकारी कर्मचारियों 15 मार्च को हड़ताल में रहें जिससे सभी शाखाएँ बन्द रही एव सैकड़ो अधिकारी कर्मचारियो ने क्षेत्रीय कार्यालय पर इकट्ठा होकर नारेबाजी एव प्रदर्शन किया

उपरोक्त समर्थन के साथ ही ग्रामीण बैंक यूनियंस की अन्य प्रमुख मांगे भी हड़ताल के कारण में शामिल है। जो कि क्रमशः निम्न है।

1.बैंकिंग उधोग में लागू किये जा चुकी वेतन वृद्धि 11वा वेतन समझौता अभी तक भारत सरकार ने ग्रामीण बैंको में लागू करने के आदेश जारी नही किये गए है, जबकि सुप्रीम कोर्ट के वर्ष 2002 के आदेशानुसार 90 दिन के अंदर जारी किए जाए।

  1. दो वर्ष से अधिक समय से प्रमोशन नीति में बैंकिंग उधोग के समान प्रमोशन में सेवा अवधि की पात्रता में कमी करने की नाबार्ड द्वारा अनुमोदित फ़ाइल बैंकिंग बैंकिंग उधोग के समान करने की नीति आदेश जारी किए जाय
  2. मृतक आश्रित योजना ग्रामीण बैंक वर्ष 2019 को वर्ष 2014 से प्रभावी किया जाए जो कि बैंकिंग उधोग में प्रभावी वर्ष था। उपरोक्त असमानता के कारण हज़ारों परिवार जिनका सेवा पाने का हक था, उससे वंचित रह गए है और गंभीर आर्थिक संकट से संघर्ष कर रहे है। अतः मृतक आश्रित योजना को वर्ष 2014 से प्रभावी करने के शीघ्र आदेश जारी किए जाए।
    प्रदर्शन के उपरांत भारत सरकार वित्त मंत्री एव सचिव को सम्बोधित ज्ञापन क्षेत्रीय प्रबंधक महोदय प्रदान किया गया
    प्रदर्शन स्थल क्षेत्रीय कार्यालय पर एक सभा का भी आयोजन किया गया सभा को बड़ौद यू पी बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के संयोजक विक्रम कुमार श्रीवास्तव क्षेत्रीय अध्य्क्ष अनिल दत्ता सचिव दानिश के अतिरिक्त हेमराज ज्ञानेंद्र कुमार सूरज कुमार फारुख राम यश भारतीय सतीश सुरेला अभिषेक ,नितेश चौधरी शिव मोहन ज्ञान प्रकाश पुरोहित सत्यम सोनी विकास गुप्ता नंद लाल प्रजापति मोतिउल्लाह एस के सिंह राजू यादव बृजेश आदि ने सम्बोधित करते हुए सराकर की निजीकरण की नीतियों का विरोध किया