गुरु महाराज ने कहा था कि पुरानों की करना संभाल और नयों को देना नाम दान -बाबा उमाकान्त जी महाराज

जयगुरुदेव
23 .03.2021, आगरा, उत्तर प्रदेश

गुरु महाराज ने कहा था कि पुरानों की करना संभाल और नयों को देना नाम दान -बाबा उमाकान्त जी महाराज

विश्व विख्यात परम सन्त बाबा जयगुरुदेव जी महाराज के आध्यात्मिक उत्तराधिकारी पूज्य सन्त बाबा उमाकान्त जी महाराज ने 23 मार्च 2021 को आगरा, उत्तर प्रदेश में सत्संग सुनाते हुए बताया कि गुरु महाराज ने अपने दुनिया-संसार से प्रस्थान करने के पहले यह कहा था कि सत्संग के नए लोगों को नाम दान देंगे और पुरानो की संभाल करेंगे तो संभाल की बात मैं करता हूं। संभाल की बात तो हमको करना ही करना है। आप हमको गाली दो, आप हमको दुश्मन मानो लेकिन हमारा कर्तव्य बनता है गुरु महाराज के वचनों के अनुसार हम आप सब की सेवा करें।

नामदान देना कोई आसान काम नहीं, बहुत कठिन काम है

महाराज जी ने बताया कि अब हम आपको सही बात बताएं। हम आपकी भलाई की बात बताते हैं। हमारा काम ही सबकी भलाई की ही बात बताना है। सब को नाम दान देते हैं। नामदान देना कोई आसान काम नहीं है। बहुत कठिन काम है। दुनिया का सबसे कठिन काम हमको नाम दान देना ही लगा।

लाखों लोगों की भीड़ में भी इसलिये नामदान देता हूँ क्योंकि इस समय पर किसी की ज़िंदगी का भरोसा नहीं

महाराज जी ने कहा कि गुरु महाराज के चले जाने के बाद हमारी इच्छा नाम दान देने की नहीं हो रही थी लेकिन फिर आदेश हो गया कि इनको अगर नामदान दे दोगे और शरीर भी छूट जाएगा तो इनको मनुष्य शरीर मिल जाएगा। क्योंकि मनुष्य शरीर पाना ही मुश्किल होता है। जहां भी जाता हूं सब जगह नाम दान देता हूं। लाखों लोगों की भीड़ में नामदान देता हूं।

विदेशों में जाता हूं, वहां छोटे कमरे में भी नामदान दे देता हूं

महाराज जी ने बताया कि विदेशों में गया 15-16 देशों में गया। वहां तो कमरे में ही बैठ जाते हैं थोड़े ही लोग। वहां पर भी नाम दान दे देता हूं। क्यों दे देता हूं? क्योंकि गुरु के आदेश का पालन करना है। दूसरी इन पर दया आ जाती है। इस समय पर आदमी घर से निकले, कोई गारंटी नहीं है कि ठीक-ठाक घर वापस आ जाएगा।

संवत दो हजार के ऊपर ऐसा योग पड़े।
पूरब-पश्चिम उत्तर-दक्षिण चौदिस काल फिरे।
अकाल मृत्यु जग माही व्यापैं प्रजा बहुत मरे। काल बेहाल से वही बचे जो सतगुरु ध्यान धरे। सूरदास की हरि की लीला टारौ नही टले।।

महाराज जी ने बताया कि लोग बहुत मर रहे हैं। अगर नाम दान ले लिया और भजन करने लग गये और पूरा भी नहीं हुआ भजन और शरीर छूट गया, कर्म खराब नहीं बने तो मनुष्य शरीर पा जाएगा और वक्त के गुरु के पास पहुंच जाएगा और दूसरे जन्म में पार हो जाएगा। इसलिए नामदान मैं दे देता हूं।

किसी से भेदभाव नही करता। देवी-देवताओं के दर्शन और भगवान के प्राप्ति का रास्ता सबको बताता हूं

महाराज जी ने कहा कि चाहे मुझे कोई दुश्मन ही मानता हो, कोई दोस्त हो, उसका कोई परिवार हो, उनको भी देता हूं। कोई भी आए नामदान सबको देता हूं। भगवान के प्राप्ति का रास्ता सबको बताता हूं। किसी के लिए कोई भेदभाव प्रेमियों नहीं है। आपको इसी मनुष्य शरीर में भगवान के दर्शन, देवी-देवताओं के दर्शन का रास्ता, भगवान के प्राप्ति का रास्ता बताऊंगा।