राणा प्रताप कालेज में हुवा फ्रेशर्स पार्टी का आयोजन

राणा प्रताप कालेज में हुवा फ्रेशर्स पार्टी का आयोजनरिपोर्ट प्रमोद यादव ब्यूरो चीफ सुल्तानपुरसुल्तानपुर। सिविल लाइंस स्थित राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय में बीएड द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों ने नवप्रवेशित प्रथम वर्ष के स्वागत में फ्रेशर्स पार्टी का भव्य आयोजन किया। कार्यक्रम का आगाज़ प्राचार्य, विभागाध्यक्ष एवं समस्त शिक्षकों द्वारा माँ सरस्वती और राणा प्रताप के चित्रों पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्ज्वलन से हुवा। बीएड द्वितीय वर्ष की महिमा ने सुमधुर स्वरों में सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। इसके पश्चात समीर,विभा,सिन्धुजा, कंचन,निधि,राजकुमार, समीक्षा, दिव्यांश,अजीत, अशोक, राधा,अर्पिता, श्रद्धा, योगिता, हरिओम,दिव्या, शुभम ने प्राचार्य , विभागाध्यक्ष, एवं शिक्षको का बुके देकर एवं बैज लगाकर स्वागत किया। इसके बाद अनुराधा मौर्या ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। मुख्य अतिथि प्राचार्य डॉ एम पी सिंह ने अपने उदबोधन में कहा कि आपके कार्यक्रम से मुझे अपने कॉलेज के दिनो की स्मृतियाँ ताजा हो गयी, विद्यार्थियों का धर्म है कि जाति, धर्म समुदाय से जो सोशल डिस्टेंसिंग बनी हैं से ऊपर उठकर राष्ट्र के साथ विश्व को जगमग करें। सारा आसमान आपका है, कलुषता ख़त्म करें, महाविद्यालय , अध्यापकों , परिवार की गरिमा को ऊपर उठा कर आगे बढ़े ,यही मेरी शुभकामना है। इसके पश्चात बीएड प्रथम और द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों की स्मृतियों को प्रोजेक्टर पर प्रदर्शित किया गया। समीर विक्रम ने अपने अनुभव को साझा कर सभी को हँसाया फिर गीत गाया। प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों ने कोरोना कॉल के हरेक प्रसंग को एक नाटक के रूप में बहुत खूबसूरती से प्रस्तुत कर उन पलों को पुनर्जीवित कर दिया। बीएड द्वितीय वर्ष की अर्पिता मिश्रा ने सोलो सांग गाकर सबका मन मोह लिया। प्रथम वर्ष के विवेक सिंह ने अपना भाषण प्रस्तुत किया। रूपम शर्मा ने कविता प्रस्तुत किया और बताया कि इस महाविद्यालय से ही कविता लिखने की प्रेरणा मिली। बीएड प्रथम वर्ष की अंशिका ने गिटार पर मिश्रित गानों को जब मंच से पेश किया तो पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज गया। विभागाध्यक्ष ने उनकी इस लाजबाव प्रस्तुति पर नगद इनाम देकर उन्हें सम्मानित किया। इसके बाद बीएड प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों ने गेम प्रस्तुत किया। कंचन मौर्या ने ‘इक प्यार का नगमा’ गीत गा जीवन दर्शन को प्रस्तुत किया। विभा शुक्ला ने माँ पर एक मर्मस्पर्शी गीत प्रस्तुत किया।अमिता अग्रहरि ने अपने दो माह के अनुभव को सिलसिलेवार बताया। अर्चना निषाद ने अपनी कविता मंच से प्रस्तुत कर लोगों को आकर्षित किया। महिमा अग्रहरि ने अपने कठिन परिश्रम के अनुभव को साझा किया कि बीएड नहीं इतना आंसा बस इतना समझ लीजिए ,फ़ाइल का ढेर है ,बस लिखते जाना है। आँचल ने संगीत में अपने स्वरों को पिरो एक खूबसूरत गीत गाया। बीएड द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों ने क्विज और गेम को प्रस्तुत कर माहौल को ज्ञानवर्धक औऱ रूचिकर बना दिया। विभागाध्यक्ष डॉ भारती सिंह ने अपने आशीष वचन में कहा कि शिक्षक को राष्ट्र निर्माता कहा जाता है प्रलय और निर्माण उसकी गोद मे पलता है, कोठारी कमीशन ने कहा भी है कि राष्ट्र का निर्माण उसकी कक्षा में होता है। आप ख़ुशनसीब है कि आप राष्ट्र निर्माण के लिए प्रशिक्षण पा रहे हैं। आपको कुछ पाना हैं तो झुकना सीखना होगा और लोगो का सम्मान पाना है तो लोगो का सम्मान करना होगा। डॉ संतोष अंश ने अपने उदबोधन में सबसे पहले प्राचार्य जी ,विभागाध्यक्ष मैडम और सहयोगी शिक्षकों के प्रति कार्यक्रम की सहमति और सहयोग हेतु अन्तर्मन से आभार जताया। साथ ही इस कार्यक्रम में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से अपना सहयोग देने वाले विद्यार्थियों महाविद्यालय कर्मचारियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। प्रोजेक्टर सहयोग परम् प्रकाश औऱ दीक्षा चौधरी ने किया। कार्यक्रम का सफ़ल संचालन अंकित सिंह, श्रेया सिंह, शिवानी बरनवाल ने किया। यहाँ मुख्य रुप से शिकुमार सिंह, शशांक सिंह, सन्दीप सिंह, जग प्रताप सिंह,विष्णु पाल, सुमित यादव उपस्थित रहें।