देश मे बंद हो शराब-मांसाहार तो ख़तम हो जाये 50% अपराध-भ्रष्टाचार

प्रेस नोट: लालपुरा, जिला आनंद, गुजरात

देश मे बंद हो शराब-मांसाहार तो ख़तम हो जाये 50% अपराध-भ्रष्टाचार

महाराज जी ने गुजरात के सूरत शहर में विश्व शांति का सन्देश देते हुए बताया कि लोगों में बीमारियां बढ़ने का सबसे बड़ा कारण मांसाहार है क्योंकि इससे ख़ून बेमेल हो जाता है। मांसाहारियों को क्रोध अधिक आता है। नशा और मांस ही मनुष्य की बुद्धि की खराब कर देते हैं। महाराज जी ने ये भी कहा कि अगर देश मे शराब और मांस बन्द हो जाये तो 50% अपराध और भ्रष्टाचार अभी ख़तम हो जाये।

दुनिया की विद्या जहाँ पर खत्म होती हैं वहाँ से अध्यात्म विद्या की शुरुआत होती है

महाराज जीने बताया यह जो शरीर का सिस्टम है, पूरी दुनिया-संसार में आज तक इसका बनाना कोई समझ ही नहीं पाया। क्योंकि आदमी को अगर मालूम हो जाता तो आदमी, आदमी को बना लेता और मरने से भी बचा लेता लेकिन वो वहीं पर फेल हो जाता है ।दुनिया की विद्या जहां पर खत्म होती है वहां से अध्यात्म विद्या की शुरुआत होती है ।
आप इसमें पढ़े-लिखे लोग बैठे हो, बुद्धिजीवी हो, आपको दुनिया के भाषा, दुनिया की जानकारी तो है लेकिन आध्यात्मिक विद्या की जानकारी नहीं है।

आप देखो मांसाहरियों को क्रोध ज्यादा आता है

आप इस बात को समझ लो कि क्रोध क्यों बढ़ता है? मांसाहार की वजह से बढ़ता है। मांसाहारियो को क्रोध जल्दी आता है, खून में गर्मी आ जाती है। कहते हैं न मेरा दिमाग खराब हो रहा है, मेरा खून गरम हो रहा है, हट जाओ मेरी नजरों के सामने से नहीं तो मार देंगे, काट देंगे। लड़ाई-झगड़ा यह मार-काट, यह तलाक के मुकदमे, दहेज के मुकदमे क्यों चल रहे हैं ? इसी वजह से चल रहे हैं ।

आदमी ने अपने पापी पेट के लिए ईमान धर्म को बेच दिया, बाजार में मिलावटी चीजें उतार दिया

आप यह कहोगे कि हम शाकाहारी हैं, हमारा पूरा खानदान शाकाहारी है। आप समझो कि आदमी ने अपने पेट के लिए अपने ईमान को बेच दिया, धर्म को बेच दिया, ताक पर रख दिया और मिलावटी चीजों को बाजार में उतार दिया। अब उन मिलावटी चीजों को आप देख नहीं पाते हो, समझ नहीं पाते हो। उसमें अगर कोई ऐसी चीज आ गई, उसको आप खाओगे तो उसका भी असर आ जाएगा ।इसलिए कहा गया सोच कर के समझ कर पेट के अंदर डालना चाहिए।

शाकाहारी जानवर मांस सूंघकर छोड़ देते हैं, बुद्धि से पूर्ण आदमी सब खाता, चला जाता है- सजा का भागीदार होगा, सजा तो मिलेगी

आदमी को आप देखो

जो जानवर शाकाहारी होते हैं वे भी मांस नहीं खाते, सूंघकर करके छोड़ देते हैं। घोड़ा के सामने, गधा के सामने, गाय के सामने, बैल के सामने आप मांस डाल दो तो सूंघ करके छोड़ देगा। एक बुद्धि विवेक से पूर्ण आदमी ही है जो नहीं सूंघता, सब खाता-दबाता चला जाता है तो सजा का भागीदार होगा कि नहीं होगा? सजा मिलेगी ।
जय गुरु देव
परम सन्त बाबा उमाकान्त जी महाराज,
आश्रम उज्जैन मध्य प्रदेश भारत