एग्रीकल्चर चौकी इंचार्ज के द्वारा पत्रकार की जमीन पर कराया जा रहा अवैध कब्जा

यूपी फाइट टाइम्स से रवि चंद्रा की रिपोर्ट

किसी मामले में खार खाये दरोगा कर रहे है पत्रकार का उत्पीड़न

आपको बता दें कि प्रयागराज के नैनी थाना क्षेत्र के महेवा के रहने वाले कामरान उर्फ मोनू एक हिन्दी दैनिक अखबार में पत्रकार है। जिसका कि करीब चार पाँच दिन पहले एक व्यक्ति से झगड़ा हो गया था। जिसकी शिकायत पत्रकार ने चौकी में जाकर किया। लेकिन दरोगा जी यह कहकर मामले को खत्म करवा दिये कि छोड़ो जाने दो मोनू एक बार मेरे कहने से मामला खत्म करो हटाओ, जबकि वह मामला नहीं बल्कि जान लेवा हमला था। उसके तीसरे दिन बाद मोनू पत्रकार की वह जमीन जिसके सारे कागजात खसरा खतौनी मोनू के पास मौजूद है। दरोगा जी को दिखाया उसके बावजूद दरोगा जी कागजात को अनदेखा कर मोनू महेवा की फोर व्हीलर स्वीफ्ट डिजायर, पत्रकार के जमीन में खड़ी थी। उसको एक सिपाही भेज कर हटवा दिये । और दुसरी पार्टी जो कि बच्चे को पढ़ाने के लिए ली थी, दो दिन में घर में ढेर सारे सामान भर दिया और नया AC लगाकर अपना घर बताने के उद्देश्य से कब्जा कर लिए। जिस बात की शिकायत पत्रकार ने चौकी इन्चार्ज से किया तो इन्चार्ज महोदय बोले वो जो कर रहा करने दिजिए। आप आदेश लाइए। वहाँ जाओगे तो हम मुकदमा लिख देगें।

जब तक आदेश आता या राजस्व टीम पहुंचती तब तक उसका कब्जा हो गया

यह पत्रकार के साथ पुलिस उत्पीड़न व ज्यादती साफ जाहिर होती है

बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या भाजपा की योगी सरकार में पत्रकारों का उत्पीड़न क्यों किया जा रहा