जीवन मे सफलता पाने के लिए विनम्रता का महत्वपूर्ण योगदान-

जीवन मे सफलता पाने के लिए विनम्रता का महत्वपूर्ण योगदान-देवेश अग्रवालमुझे रोजगार नही मिला यह कहना ठीक नही-एस डी शर्मारिपोर्ट प्रमोद यादव ब्यूरो चीफ सुल्तानपुरसुल्तानपुर। के एन आई पी एस एस प्रबंधन संकाय में भारतीय कर प्रणाली और भारतीय अनुबंध प्रणाली के सदुपयोग के माध्यम से कर को बचाने के लिए लखनऊ से आए देवेश अग्रवाल ने विस्तार से प्रेजेंटेशन के माध्यम से चर्चा की गयी।सेमिनार का प्रारंभ के एन जी आई के डायरेक्टर जनरल प्रोफेसर डॉ एस डी शर्मा ने मुख्य वक्ता देवेश अग्रवाल का परिचय कराया।कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यातिथि स्मृति चिन्ह भेट किया ।लखनऊ मैनेजमेंट एसोसिएशन की तरफ से आए हुए सीए देवेश अग्रवाल ने नवीनीकरण और सृजनात्मकता पर विशेष बल देते हुए कहा कि आज के इस दौर में कंपनी का अस्तित्व केवल इन्हीं दो बिंदुओं पर निर्भर करता है उन्होंने यह भी कहा कि आज भारत में लगभग 300 पब्लिक सेक्टर की कंपनियां हैं जो आने वाले दिनों में केवल 3 पब्लिक सेक्टर की कंपनी रह जाएंगी इसका मुख्य कारण पब्लिक सेक्टर कंपनियों में नवीनीकरण और सृजनात्मकता का अभाव है।इसलिए हम सभी को प्राइवेट कंपनियों के लिए अपने आपको तैयार रखना है ।इन्होंने उक्त विषय में विभिन्न उदाहरण के द्वारा इनकम टैक्स और इंडियन कांट्रैक्ट एक्ट के बारे में भी सृजनात्मकता और नवीनीकरण का रोल बखूबी समझाया।एक वीडियो क्लिप के माध्यम से यह भी बताया कि सफलता को पाने के दौरान बहुत सी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है लेकिन हम सभी को कठिनाइयों सामना ही नही उसे जड़ से खत्म कर देना चाहिए।इस सेमिनार में प्रबंधन संकाय फरीदीपुर के एमबीए एवं बीबीए के छात्र/छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।जिसके दौरान एमबीए प्रथम वर्ष के छात्र शशांक अग्रवाल को सम्मानित किया गया।कार्यक्रम के समापन के दौरान डॉ एस डी शर्मा ने कहा कि जब भी रोजगार की बात की जाती है हम तुरन्त कहते है कि हमे रोजगार नही मिला लेकिन यह भी जानना जरूरी है कि हमे रोजगार क्यों नही मिला।उक्त अवसर पर डॉ निखिल श्रीवास्तव, डॉ इंद्रजीत कौर , डॉ अर्चना सिंह, डॉ रामसागर सिंह डॉ टीनू कौर ,राहिबा सिंह विनीश नाथ ओझा ,मैथ्यू भास्कर सिंह, आलोक कुमार ,माधवेंद्र प्रताप सिंह ,रितु बरनवाल ,आनंद कुमार सिन्हा आदि अध्यापक गण मौजूद रहे।