भारत जैसे देश में जब -जब मां, बहन, बेटी की आंखों से पहचान खत्म हुई तब,-तब विनाश हुआ-बाबा उमाकान्त जी महाराज

प्रेस नोट अमरेली गुजरात*भारत जैसे देश में जब -जब मां, बहन, बेटी की आंखों से पहचान खत्म हुई तब,-तब विनाश हुआ-बाबा उमाकान्त जी महाराज*सद्चरित्र की शिक्षा देने वाले उज्जैन के पूज्य संत बाबा उमाकांत जी महाराज जी गुजरात के अमरेली शहर में सत्संग सुनाते हुए भक्तों को संदेश दिया कि यह भारत देश है यहां जब-जब मां, बहन,बेटी की पहचान आंखों से खत्म होती है।तब क्या होता है विनाश होता है। आप इतिहास उठाकर देख लो त्रेता में भी ही यही हुआ, द्वापर में भी यही हुआ तो क्या कलयुग में नहीं होगा आप यह समझो। इस समय पर इंसान बारूद के ढेर पर खड़ा हुआ है कभी भी आग लग जाये और ध्वस्त हो जाये ऐसे समय में हम और आप बगैर अपना काम करे हुए इस दुनिया संसार से चले जाएं तो इस जीवात्मा को कष्ट झेलना ही पड़ेगा तकलीफ झेलनी हीपड़ेगी।*खाने-पीने मौज मस्ती के लिए जीवन नहीं मिला है यह काम तो जानवर भी करते हैं*महाराज जी ने बताया यह मनुष्य शरीर अनमोल है देवी देवता भी तरसते हैं मनुष्य शरीर पाने के लिए ।इंसान भी यही काम, खाने का, बच्चा पैदा करने का – यही काम जानवर भी करते हैं। आंख कान इंद्री – यह जानवरों की भी होती है लेकिन बुद्धि नहीं होती है। उनको सिखाना पड़ता है तब उनसे कोई काम आदमी ले सकता है। बुद्धि ही तो प्रमुख है। बुद्धि जब खराब हो जाएगी तो आदमी पशु समान व्यवहार करने लग जाएगा। *नशा,खराब करती है इंसान की बुद्धि*नशे की हालत में क्या होता है? बुद्धि तो खराब होती है। नशे की हालत में कोई पहचान हो पाती है ? बुद्धि तो लगाते हैं कि मेरी पत्नी है, मेरी बहन है, यह मेरी मां है, बुद्धि से ही तो पहचान होती है। बुद्धि खराब हो गई तो पहचान खत्म हो जाती है। यह भारत देश है यहां पर जब मां बहन बेटी की आंखों से पहचान खत्म होती है तब क्या होता है? विनाश होता है। आप इतिहास उठाकर देख लो। त्रेता में भी यही हुआ, द्वापर में भी यही हुआ और कलयुग में क्या नहीं होग? *इंसान इस वक्त बारूद के ढेर पर खड़ा हुआ है, कभी भी आग लग जा और ध्वस्त हो जाए*इस वक्त पर इंसान बारूद के ढेर पर खड़ा हुआ है और कभी भी आग लग जाए ध्वस्त हो जाए। आदमी के जिंदगी का कोई ठिकाना नहीं है इस वक्त पर। आगे का खराब समय संकेत देने लग गया कि इससे भी ज्यादा खराब समय आएगा। आदमी की मृत्यु होगी, पशु-पक्षियों की भी मृत्यु होगी। आगे बहुत खराब समय आ जाएगा। तो ऐसे समय में हम और आप बगैर अपना काम बनाए हुए अगर इस दुनिया संसार से चले जाएं तो इस जीवात्मा को कष्ट झेलना ही पड़ेगा, परेशानी झेलनी ही पड़ेगी। जय गुरु देवपरम सन्त बाबा उमाकान्त जी महाराज आश्रम उज्जैन भारत