69 हजार शिक्षक मामले में हो भ्रष्टाचार की जांच- अमित आजाद

कौशांबी। उत्तर प्रदेश सरकार ने सरकारी प्राइमरी स्कूलों के लिए 69000 सहायक शिक्षकों के लिए भर्ती निकाली थी जिसमें 16 जनवरी 2019 को लिखित परीक्षा हुई थी। मामले में लिखित परीक्षा के बाद ही भ्रष्टाचार की शिकायतें छात्रों ने किया, लेकिन इस पर किसी प्रकार की कार्रवाई सरकार के द्वारा नहीं की गई। यही नहीं टॉपर द्वारा महामहिम राष्ट्रपति का नाम ना बताए जाने की खबर जब अखबारों में छपी तो इस मामले की जांच की गई तो मामले में पुलिस को इस पार्टी में बड़े भ्रष्टाचार की जानकारी हुई। जिसमें खुलासे भी हुए हैं उक्त बातें एनएसयूआई नेता अमित आजाद ने जिलाधिकारी को राष्ट्रपति के नाम संबोधित पांच सूत्रीय ज्ञापन सौंपते हुए की।

इस मौके पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि सरकार को इस मामले मैं राजनीति ना करते हुए ईमानदारी से काम करना चाहिए और इस मामले में भर्ती माफिया के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। इस मौके पर बोलते हुए अंकित मिश्रा ने कहा कि इस तरह के भ्रष्टाचार से छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होता है जिससे योग्य और प्रतिभावान छात्र नौकरी नहीं पाते हैं जबकि अयोग्य छात्र भ्रष्टाचार की ताकत का प्रयोग करते हुए सरकारी नौकरी प्राप्त करने में कामयाब रहते हैं। इस मौके पर प्रमुख रूप से अमित द्विवेदी, अंकित मिश्रा, अवनीश कुमार पांडे, अम्मार नकवी, अली मेहंदी, मोहम्मद आसिफ, आशीष कुमार मिश्रा पप्पू सहित कई छात्र नेता मौजूद।