जम्मू-कश्मीर के नेता सज्जाद लोन हुए रिहा, अनुच्छेद 370 हटाने के बाद किये गए थे नजरबंद

जम्मू-कश्मीर की राजनीतिक पार्टी पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के नेता सज्जाद लोन को शुक्रवार को नजरबंदी की हिरासत से रिहा कर दिया गया. सज्जाद लोन को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद से नज़रबंदी में रखा गया था. वो पिछले एक साल से ही नजरबंद थे. रिहा होने की जानकारी खुद सज्जाद लोन ने ट्वीट कर दी है. सज्जाद लोन ने ट्विटर पर अपने रिहा होने के बारे में बताते हुए लिखा, “आखिरकार एक साल पूरे होने से पांच दिन के पहले मुझे बताया गया है कि मैं आज़ाद हूं. कितना कुछ बदल गया है, मैं भी बदला हूं. जेल का यह नया अनुभव नहीं था. लेकिन पहले वाले शारीरिक प्रताड़ना वाले थे, लेकिन ये वाला मानसिक तौर पर थका देने वाला था. उम्मीद कर रहा हूं जल्दी बहुत कुछ साझा करूंगा.”

सज्जाद लोन की नजरबंदी से रिहाई के बाद जम्मू और कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी ट्वीट किया. बता दें कि पिछले साल अगस्त में केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाते हुए राज्य को दिया गया स्पेशल दर्जा वापस ले लिया था. इसी फैसले के साथ केंद्र ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का विभाजन कर दो राज्य बना दिए थे. इस फैसले के तुरंत बाद यहां के स्थानीय नेताओं को नज़रबंद कर दिया गया था. सरकार का कहना था कि राज्य में शांति बनाए रखने के लिए यह जरूरी था.