बाढ़ के समय कंजरी के महादलित परिवार को मयस्सर नहीं होते एक अदद आशियाने की छाँव

सुमलेश कुमार यादव, संवाददाता,

बेलदौर प्रखंड अंतर्गत कैंजरी पंचायत के वार्ड नंबर 5 में काली कोशी नदी से महज दो सो मीटर की दुरी पर जमींनदारी बांध के बगल में लगभग बीस फीट बने गड्ढे में आधे दर्जन से अधिक महांदलित (मल्लिक) परिवार के सदस्य रहते हैं। जो बाढ़ आने पर घर से बेघर हो जाते हैं।वे सभी को बाढ़ के समय कहीं भी मयस्सर नहीं हो पाता है एक अदद आशियाने की छाँव।जो बिहार सरकार के महादलित प्रेम का ढ़ोल का पोल खोल दिया है।
इधर बीरन मलिक और रेखा देवी(माली) ने बताया कि बाढ़ आने से हम लोगों के घर में लगभग पांच फीट पानी जमा हो जाता है। उन्होंने बताया कि उन लोगों को लगभग एक दर्जन छोटे- छोटे नवालिक बच्चे भी हैं, जो बाढ़ के समय पानी जमा होने से डरे सहमें रहते हैं। इनलोगों के घर में सांप बिच्छू भी प्रवेश कर जाते हैं। बिरन मलिक बोलते हैं कि रामनगर, पनसलवा जैसे आधे दर्जन जगहों पर गड्ढे में रह रहे मल्लिक परिवारों को सरकारी स्तर से मिट्टी उपलब्ध करवाया गया है तो फिर हम लोगों को क्यों नहीं सरकारी स्तर से विभाग मिट्टी उपलब्ध करवा रहे हैं। वहीं जब इस संबंध में मनरेगा पीओ से बात किए तो उन्होंने बताया कि हां अगर बगल में मिट्टी उपलब्ध हो जाएगा तो उनलोगों के गढ़े को भरवा दिया जाएगा। वहीं रोजगार सेवक मोतीलाल ने बताया कि कैरेज सिस्टम अगर होगा तब ही इस जगह पर मिट्टी भराई कार्य सुरु हो सकता है।वहीं दलित युवा संग्राम परिषद् के प्रदेश अध्यक्ष आचार्य राकेश पासवान शास्त्री राजद नेता पप्पू यादव,पुर्व प्रमुख सियाराम यादव, माली के भुत पुर्व मुखिया नरसिंह यादव, उक्त सभी महादलित परिवार को बाढ़ पूर्व तैयारी के तहत तथा बिहार सरकार के गाइडलाइन के मुताबिक मिट्टी सहित जरुरत की समान उपलब्ध कराने की मांग जिला प्रशासन से की है।