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लखीमपुर खीरी किसान हत्याकांड को लेकर समर्थ किसान पार्टी ने किया सड़क जाम, कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर हत्यारों को फांसी दिए जाने की उठाई मांग

देश के किसानों से माफी मांगे भाजपा सरकार…अजय सोनी

किसानों के उपर भाजपा सरकार का प्रायोजित हमला है लखीमपुर खीरी किसान हत्याकांड…प्रेमचन्द्र केसरवानी

लखीमपुर खीरी किसान हत्याकांड को लेकर समर्थ किसान पार्टी के कार्यकर्ता सोमवार को जनपद की सड़कों पर उतरे और विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान पार्टी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने सड़क जाम कर किसान हत्याकांड के खिलाफ हुंकार भरी। पार्टी नेता अजय सोनी की अगुवाई में उदहिन चौराहा मंझनपुर मुख्यालय मार्ग को जाम किया गया और निर्दोष अन्नदाता पर जबरन भाजपाई गुंडों द्वारा गाड़ी चढ़ाकर रौंदने एवं जान से मार दिए जाने पर भारी आक्रोश व्यक्त किया गया।

इसी के साथ समर्थ किसान पार्टी के तत्वावधान में जिला मुख्यालय मंझनपुर के डायट मैदान में उतरे पार्टी के तमाम कार्यकर्ताओं एवं किसानों ने लखीमपुर खीरी किसान हत्याकांड को लेकर धरना प्रदर्शन किया। इस अवसर पर बोलते हुए समर्थ किसान पार्टी के नेता अजय सोनी ने कहा कि लखीमपुर खीरी किसान हत्याकांड भाजपा सरकार द्वारा एक सुनियोजित तरीके से किसानों की आवाज दबाने के लिए जानबूझकर कराया गया हत्याकांड है जिसमें तमाम निर्दोष किसानों की जान चली गई। अजय सोनी ने कहा कि लखीमपुर खीरी किसान हत्याकांड को लेकर केंद्र एवं प्रदेश सरकार को किसानों से जल्द माफी मांगनी चाहिए और भविष्य में ऐसी कोई घटना न हो, इसके लिए लिखित गारंटी देनी चाहिए।

पार्टी जिलाध्यक्ष प्रेम चन्द्र केसरवानी ने कहा कि लखीमपुर खीरी किसान हत्याकांड भाजपा सरकार द्वारा प्रायोजित किसानों पर सीधा हमला है। भाजपा सरकार अपने मंत्री एवं मंत्री पुत्रों के द्वारा ऐसा किसान विरोधी दुष्कृत्य करवा रही है। चूंकि घटना के मात्र दो दिन पहले केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा उर्फ टेनी ने खुलेआम किसानों को सुधार देने की चेतावनी दी थी और उनके बेटे आशीष मिश्रा उर्फ मोनू मिश्रा के द्वारा तत्काल किसानों पर जानलेवा हमला किया गया, जिससे जाहिर होता है कि लखीमपुर खीरी किसान हत्याकांड भाजपा सरकार द्वारा प्रायोजित है।

इसके बाद डायट मैदान से जिलाधिकारी कार्यालय तक किसानों ने जुलूस निकाला और किसानों के हत्यारों को फांसी दो…फांसी दो…के नारे लगाए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर समर्थ किसान पार्टी के तमाम नेता एवं कार्यकर्ता जमीन पर धरना देकर बैठ गए और जोरदार तरीके से नारेबाजी करने लगे। किसानों के हत्यारों को फांसी दो… फांसी दो…के नारों से कलेक्ट्रेट गूंज उठा। इस दौरान काफी देर तक कलक्टर ऑफिस के चारों तरफ अफरा तफरी मची रही।

किसानों की हुंकार सुनकर मौके पर पहुंचे सदर उपजिलाधिकारी प्रखर उत्तम एवं क्षेत्राधिकारी मंझनपुर पहुंचे और किसानों को काफी देर तक समझाते रहे। किसानों के आक्रोश को देखते हुए अधिकारियों को कुछ देर चुप रहना पड़ा। काफी देर तक हंगामा करने के बाद किसानों एवं पार्टी कार्यकर्ताओं ने महामहिम राज्यपाल को संबोधित एक पांच सूत्रीय ज्ञापन सदर उपजिलाधिकारी प्रखर उत्तम को सौंपा। सौंपे गए ज्ञापन में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा उर्फ टेनी को तत्काल बर्खास्त करने, आशीष मिश्रा उर्फ मोनू मिश्रा समेत सभी दोषियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर फांसी देने, पीड़ित परिजनों को एक करोड़ रू की आर्थिक सहायता एवं एक सरकारी नौकरी देने, घायलों का अच्छे अस्पतालों में मुफ्त में इलाज करवाने, घायलों के परिजनों को दस दस लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की गई। इस अवसर पर सुरजीत वर्मा, अनिल गुप्ता, राजेश कुमार सरोज, रामबाबू गौतम, घसीटे लाल सरोज, लवकुश कुमार राजवंत सिंह, वेद प्रकाश यादव, पृथ्वी लाल लोधी, अली रजा, जुम्मन अली आदि मौजूद रहे।