You are currently viewing माँ कामाख्या के दर्शन कर केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने की तीन दिवसीय पूर्वोत्तर क्षेत्र के दौरे की शुरुआत

माँ कामाख्या के दर्शन कर केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने की तीन दिवसीय पूर्वोत्तर क्षेत्र के दौरे की शुरुआत

गुवाहाटी में आयोजित “राष्ट्रीय मिशन बिजनेस समिट” में अमेरिकी कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि पूर्वोत्तर में कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों की आय को बढ़ाने की संभावनाओं पर काम कर रही है केंद्र सरकार

गुवाहाटी (असम)

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री कैलाश चौधरी पूर्वोत्तर राज्यों के प्रवास के पहले दिन मंगलवार को गुवाहाटी पहुंचे। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के साथ केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी और सुश्री शोभा करंदलाजे का यहां असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में असम गेस्ट हाउस में पारंपरिक ढोल नगाड़ों और स्‍थानीय परंपरा के अनुसार स्वागत किया गया। इस दौरान अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू और पूर्वोत्तर क्षेत्र के कई प्रमुख जनप्रतिनिधि एवं कृषि मंत्रालय के अधिकारी उपस्थित रहे।

इसके बाद कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने अपने पूर्वोत्तर प्रवास की शुरुआत असम में स्थित विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ कामाख्या मंदिर पहुंचकर मां भगवती के महामुद्रा रूप के दर्शन और पूजा-अर्चना करके की। कैलाश चौधरी ने माँ कामाख्या से देश में सभी के लिए सुख समृद्धि और खुशहाली की मंगलकामना की। इसके बाद केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के साथ पूर्वोत्तर क्षेत्र में खाद्य तेलों की प्रबल संभावनाओं को मजबूती प्रदान करने के लिए गुवाहाटी में आयोजित “राष्ट्रीय मिशन बिजनेस समिट” में भाग लिया।

पाम ऑयल के लिए 11 हजार करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी : पूर्वोत्तर क्षेत्र के बिजनेस समिट को संबोधित करते हुए केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र हमारे देश के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री क्षेत्र के विकास और कल्याण के लिए हमेशा सक्रिय रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार खाद्य तेल के आयात को कम करने की दिशा में काम कर रही है। साथ ही खाद्य तेलों की कीमत में स्थिरता लाने और इसके उत्पादन में वृद्धि के लिए केंद्र सरकार की ओर से 11 हजार करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी दे दी गई है। कैलाश चौधरी ने विश्वास जताया कि केंद्र व राज्य की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं व कार्यक्रमों के माध्यम से सरकार पूर्वोत्तर के राज्यों के तस्वीर-तकदीर बदलने में कामयाब होगी।

पूर्वोत्तर में कृषि की सहायक गतिविधियों को दिया जाएगा बढ़ावा : केंद्र सरकार पूर्वोत्तर क्षेत्र में लघु एवं सीमांत किसानों, खास तौर से महिलाओं तक लाभ पहुंचाने के लिए खेतों को नवीन कृषि तकनीकों से जोड़ने की दिशा में काम करेगी। यह कदम सरकार अपने ‘बायोटेक-किसान कार्यक्रम’ और विभिन्न कृषि हितेषी कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के तहत उठाएगी। स्थानीय किसानों के मुद्दों को समझा जा सकेगा और उनकी समस्याओं का वैज्ञानिक समाधान निकाला जा सकेगा। कैलाश चौधरी ने कहां कि पूर्वोत्तर क्षेत्र की बड़ी आबादी पहले से ही कृषि पर निर्भर है। यहां कुल श्रमबल का 70 फीसद आजीविका के लिए कृषि क्षेत्र या उससे जुड़े क्षेत्र में काम करता है। इसीलिए मोदी सरकार पूर्वोत्तर में कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों की आय को बढ़ाने की संभावनाओं पर काफी काम कर रही है। इस क्षेत्र में स्थान आधारित विशेष फसल को बढ़ावा देकर, बागवानी और पेड़ों से आय, मत्स्य एवं पशु उत्पादन संबंधी क्षेत्रों को बढ़ावा देना शामिल है।