संत रविदास जी की जयंती और माघ पूर्णिमा के दिन संकल्प बनाओ कि मांस नहीं खाएंगे -बाबा उमाकान्त जी महाराज

जय गुरु देवप्रेस नोट27.02.2021,गया, बिहार*संत रविदास जी की जयंती और माघ पूर्णिमा के दिन संकल्प बनाओ कि मांस नहीं खाएंगे -बाबा उमाकान्त जी महाराज*उज्जैन से पधारे वक्त के पूरे महापुरुष बाबा उमाकान्त जी महाराज ने 27 फरवरी 2021 को गया, बिहार में सत्संग सुनाते हुए बताया कि आज रविदास जयंती है और आज माघ पूर्णिमा भी है ।पूरे देश के लोग इस धार्मिक स्थान गया में आते हैं, घूमने के लिए देखने के लिए या पितृ विसर्जन के लिए। आप को समझने की जरूरत है कि इस धार्मिक स्थान पर आप आए हो।*यह संतों का देश है*महाराज जी ने बताया कि यह संतों का देश कहा गया। रविदास जी की जयंती भी है। आज रविदास जी की जयंती पर संकल्प बनाना है। आज पूर्णिमा भी है। *अगर मांस खाना लोग बस बंद कर दें तो बहुत से जीवों की जान बच जायेगी*आज के दिन से हम मांस नहीं खाएंगे, यही छोड़ जाएंगे। अभी तक जो मेरे से गलती हुई अब गलती नहीं करेंगे। अब हम जीवों पर दया करेंगे। देखो अगर मांस खाना अगर सब लोग बंद कर दें तो न कोई बकरा कटेगा, न मुर्गा कटेगा, कोई नहीं। यह सारे जानवर बच जाएंगे, यह सब अपनी मौत मरेंगे।*मनुष्य के अंदर यही परमात्मा की अंश जीवात्मा है और यही जीवात्मा मुर्गा, भैसा, बकरा सबके अंदर है*महाराज जी ने बताया कि यही जीवात्मा इनके अंदर भी है। सजा भोगने के लिए डाल दी जाती है। यह सब अपनी मौत मरेंगे। इनकी जीवात्मा तड़प-तड़प कर निकलती है, उस मालिक से आवाज लगाती है कि देखो हमको यह कैसे मार रहे, काट रहे हैं। वह मालिक तो बर्दाश्त नहीं करता है। कर्मों की सजा तो देता ही देता है। कर्मों की सजा तो मिलती ही मिलती है।**जो गल काटे और का, अपना रहा कटाय।साहब के दरबार में बदला कहीं न जाय।।**कबीर साहब जी ने बताया कि बदला देना पड़ता है। नर्क इसीलिए तो बनाए गए हैं। उसमें मारते हैं, काटते हैं, सजा देते हैं कर्मों के अनुसार। जबसे कर्मों का विधान बना है, सजा से कोई भी नहीं बच पाया है। इसलिए अच्छे कर्म करना चाहिए।