लहना में आए प्रवासी मज़दूरों को नही मिला राशन

कौशाम्बी

ब्यूरो चीफ आर पी यादव के साथ रमेश राजपूत

लहना में आए प्रवासी मज़दूरों को नही मिला राशन

राशन किट बाटने वाले ज़िम्मेदारों ने ही लूट घसोट कर लिया या फिर सरकार दे रही है झूंठे आश्वासन

कौशाम्बी करारी थाना क्षेत्र के लहना गांव में 10% लोगों को राशन देकर जिम्मेदार पल्ला झाड़ रहे जैसा कि योगी सरकार ने प्रवासी मज़दूरों को राशन किट देने के लिए आदेश दिया था वही दूसरी ओर उनके अधिकारी कर्मचारी अपना पेट भरने से नही आते है बाज 25 मार्च को खालीं हाँथ लौटे मज़दूरों को 14 दिन स्कूलों में कोरन्टीन किया गया था योगी सरकार के राशन किट बाटने के फैसले से चेहरे प्रवासियों के खिले हुए थे वही ज़िम्मेदारों ने कोरन्टीन रहे सरोज कुमार पुत्र राम स्वरूप, ब्रजेश कुमार उर्फ गोलू पुत्र राम स्वरूप, सोहंलाल पुत्र बच्चू लाल राम, करण पुत्र सोर्गी मौजी लाल, संतलाल पुत्र कल्लू सुखराम, रिंकु पुत्र राम आसरे, मिश्री लाल पुत्र बुधई राजेन्द्र, पुत्र स्वर्गीय बचाऊ लाल, शिव फूल पुत्र बचउ लाल शिवचन्द पुत्र मुन्नी लाल को सरकारी स्कूल में एहतियात के लिए रखा था इनको कोई राशन किट नही मिली

योगी सरकार के बनाए हुए हेल्फ़ लाइन नम्बर से कई बार काल आई पूछा गया राशन किट के विषय मे तो प्रवासियों ने जवाब दिया कि नही मिला क्या राशन किट बाटने वाले ज़िम्मेदारों ने ही लूट घसोट कर लिया या सरकार झूंठे आश्वासन दे रही थी