महरुपुर में शौच के लिए गयी सड़क हादसे में  माँ बेटी को ट्रक ने रौंदा दो अन्य घायल

घर में होता शौचालय तो न जाती माँ बेटी की जान

प्रयागराज से प्रयाग पांडेय की रिपोर्ट

प्रयागराज। उतराव के महरुपुर गांव में गुरुवार सुबह 5 बजे उस समय नेशनल हाइवे की सड़क खून से लाल हो गई जब गांव की महिलाएं सुबह शौच के लिए हाइवे की सड़क पर बैठी थी।की अचानक ट्रक चालक ने निर्दयतापूर्वक महिलाओं को ट्रक से रौंदते हुए चला गया। बताया जाता है कि महरुपुर गांव के मजरा दुघरा निवासी विजय बहादुर पटेल की पत्नी संगीत देवी 35 वर्ष व बेटी काजल 16 वर्ष, स्मित पुत्र स्व0 रामेश्वर संजना कुमारी पुत्री स्व0 रामेश्वर निवासी दुघरा जो गुरुवार सुबह 5 बजे शौच के लिए हाइवे सड़क पर शौच के लिए बैठी थी कि अचानक एक ट्रक जो वाराणसी की तरफ तेज रफ्तार में जा रही थी। सड़क पर बैठी महिलाओं को रौंदते हुए चली गई। जिसमें संगीत देवी पत्नी विजय बहादुर व काजल पुत्री विजय बहादुर की मौके पर ही मौत हो गई। वही साथ रहे स्मित और संजना बुरी तरह से घायल हो गए। हादसे से लोगो की भारी भीड़ जमा हो गई। सड़क पूरी तरह से खून से लाल हो गई। लाश को पहचानना मुश्किल हो गया। सूचना पर पहुची उतराव पुलिस ने दूर दूर तक छिटके शव को इकट्ठे कर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। घटना की खबर क्षेत्र में फैली तो लोगो की भारी भीड़ जमा हो गई। वही विजय बहादुर पत्नी और बेटी की मौत से बेसुध हो गया। गांव में कोहराम मच गया। विजय बहादुर की तीन बेटी और एक बेटा है। काजल 15 वर्ष, आँचल 12 वर्ष,आकांक्षा 10, और बेटा विशाल 9 वर्ष पत्नी संगीता और बेटी काजल की मौत से विजय बहादुर पर गमो का पहाड़ टूट पड़ा। घायल स्मित और संजना कि हालत नाजुक बनी हुई है। जिनका एसआरएन में इलाज चल रहा है। उक्त घटना से परिजनों का रोरोकर बुरा हाल हो गया है। घटना से जुटे ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर आरोप लगाकर नाराजगी जाहिर की अगर आज शौचालय मिला होता तो यह हादसा न होता। ग्रामीणों ने कहा ग्राम प्रधान की उदासीनता के चलते गांव में शौचालय नही बने है। जिससे महिलाएं और पुरूष सभी को बाहर जाना पड़ता है। और आज शौचालय न होने से बढ़ा हादसा हो गया। इस बात को लेकर लोगो मे नाराजगी व्याप्त थी। वही घटनास्थल पर मौजूद ग्राम प्रधान मो0 अंसार से शौचालय को लेकर जब बात की गई तो उन्होंने बताया गांव में शौचालय के लिए 555 का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। लेकिन 115 ही शौचालय मिला जो हरिजन बस्ती में ही बनवा दिया गया था। मांग के अनुसार शौचालय नही मिला तो कहा से बनवाया जाय। वही घटना की सूचना पर पहुचे अपनादल एस के दर्जा प्राप्त आवास विकास परिषद मंत्री रामलखन पटेल से जब लोगो ने शौचालय को लेकर बात की तो उन्होंने तत्काल डीपीआरओ प्रयागराज रेनू श्रीवास्तव से बात कर उक्त घटना की जानकारी देकर गांव में शौचालय न होने की बात कही। जिस पर शौचालय बनवाये जाने का आश्वासन दिया गया। और उन्होंने कहा इस हादसे में जो भी होगा हम हर सम्भव मदद जरूर करेंगे। अगर देखा जाय तो सरकार भले ही स्वच्छ भारत मिशन का सपना साकार होते देख रही है। लेकिन हकीकत तो तब सामने आती है। जब उस बात को लेकर कोई घटना घटती है। अगर जमीनी हकीकत देखा जाय तो शौचालय किसी गाँव मे सही तरीके से बने ही नही है। आज भी लोग शौच के लिए बाहर जाने को मजबूर है। महरुपुर जैसी घटना के बाद भी लोग शौचालय की कीमत नही समझते।