You are currently viewing नंद के आनंद भयो,जय कन्हैया लाल की…राजधानी में सोमवार को जन्माष्टमी महोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गई

नंद के आनंद भयो,जय कन्हैया लाल की…राजधानी में सोमवार को जन्माष्टमी महोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गई

दिल्ली बृजेश कुमार

जन्माष्टमी के अवसर पर ऐसे तो दिनभर मंदिरों में भजन कीर्तन चलता रहता है पर 12 बजते ही लड्डू गोपाल के जन्मोत्सव पर मंदिरों में घंटा-घड़ियाल बज उठे।पूरी ओखला फ्रेंच कालोनी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के रंग में रंग गयी। सीमित संख्या में मौजूद श्रद्धालु जयकारे लगाने लगे। रंग-बिरंगे फूलों, बैलून और बिजली के बल्बों से आकर्षक तरीके से सजा ओखला फ्रेंच कालोनी में शिव मंदिर निर्माण समिति द्वारा दयाल सिंह कालोनी के मंदिर में श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर लड्डू गोपाल को पालने में झुलाया गया। भक्तों द्वारा भगवान श्रीकृष्ण के बालरूप की मनोहारी झांकी प्रस्तुत की गयी। पुरोहितों द्वारा भोग चढ़ाने, आरती के बाद भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। महाआरती में सभी के स्वस्थ रहने की प्रार्थना के साथ जन्माष्टमी महोत्सव का समापन हुआ। लेकिन पूरे कार्यक्रम में जो अहम बात रही वो यह है कि दो नन्हे बाल कलाकारों द्वारा भगवान श्रीकृष्ण के मनोहारी भजन कीर्तन की प्रस्तुति श्रद्धालुओं को श्रद्धा के भाव विभोर में डूबने को मजबूर कर दिया नन्हे कलाकारों के गीत सुनकर सभी दर्शक भजनों में खो गए और भाव विभोर होकर झूमने और नाचने लगे यह कला के दीपक पंडित रंजीत झा के बच्चे हैं जिन्होंने लॉक डाउन में आपदा को अवसर में बदला है जब स्कूल बंद थे तो इन्होंने भजन कीर्तन की कला सीखी और अब इसमें इतने निपुण हो गए हैं कि इन बच्चों के प्रशंसक देश में ही नहीं विदेशों में भी है सोशल मीडिया पर नन्हे कलाकारों के नाम से फेमस हो रहे हैं और कला प्रेमी इन्हें बाल गोपाल का रूप मानते हैं कोई भी गीत भजन या कीर्तन हो यह बच्चे उसको अपनी सुरीली आवाज में ऐसे गाते हैं जैसे स्वम सरस्वती विराजमान हो इन नन्हे कलाकारों का नाम है सुकन्या झा और पंडित प्रियांश झा तो आइए हम मिलवाते हैं आपको इन नन्हे कलाकारों से जिनको सुनकर आप भी कह उठेंगे भाई वाह