विश्व के सर्वमान्य नेता नरेन्द्र मोदी जी

अमेरिका के NATO का एक सदस्य है टर्की,यह टर्की अमेरिका का पुराना सहयोगी रहा है और अमेरिका अपनी सभी महत्वपूर्ण रक्षा प्रणालीयां और प्लेटफार्म टर्की के संग साझा भी करता है,अमेरिका ने टर्की को अपना सबसे उन्नत फाइटर जेट पांचवी पीढ़ी का विमान F-35 तक दिया है,मात्र इतना ही नहीं अमेरिका ने टर्की में F-16 और AMRAAM का मैनुफैक्चरिंग यूनिट तक लगवाया है जब टर्की ने रूस के साथ S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम की डील साइन की तो अमेरिका को अच्छा नहीं लगा और मुद्दा अमेरिकी संसद में उठा, वहां सबने एक सुर में विरोध किया जिसके बाद अमेरिका ने ना केवल अपने डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट टर्की में बंद करवा दिए,बल्कि टर्की को सभी डिफेंस इक्विपमेंट्स का एक्स्पोर्ट रोक दिया,और टर्की को F-35 की सर्विस,स्पेयर्स और मेंटेनेंस की सुविधा तक देनी बंद कर दी,अब टर्की की अमेरिकी डिफेंस मैनुफैक्चरिंग यूनिट बंद है,टर्की द्वारा अमेरिका से किया जाने वाला हथियारों का इम्पोर्ट बन्द हैं,और टर्की की f-35 विमानों की पूरी फ़लीट जमीन पर खड़ी रहने को बाध्य है,दोनों ही देशो को आर्थिक हानि हुई है,परंतु अमेरिका ने अपने पुराने सहयोगी देश के लिए भी अपनी डिफेंस एक्स्पोर्ट नीति से कोई समझौता नही किया और आर्थिक हानि स्वीकार की,बता दें कि भारत ने भी रूस के साथ S-400 कि वही डील साइन की है, अमेरिका ने भारत को यह डील करने से रोकने हेतु बहुत प्रयास किए,पर भारत की मोदी सरकार नहीं मानी,अमेरिका की संसद में भी यह विषय उठा,किन्तु अधिकांश अमेरिकी सांसदों ने भारत संग रक्षा सहयोग व् मित्रता को वरीयता दी और भारत के विरुद्ध किसी भी कर्यवाही का विरोध नही किया,अब अंत मे हुआ यह कि भारत की छवि व् भारत के बढ़ते वैश्विक कद के कारण अमेरिका ने इस विषय को ही नजरअंदाज कर दिया,आज भारत अमेरिका का P8i, C-130J सुपर हरक्यूलिस, C-17 ग्लोबमास्टर, उपयोग करता है,अमेरिका के सबसे उन्नत आर्म्ड ड्रोन्स प्रिडेटर ऑर्डर पर हैं, M777 अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर, CH-47 चिनूक व् AH-64 अपाचे ऑर्डर पर हैं,और इनकी डिलीवरी व् इन सभी डिफेंस प्लेटफॉर्म के लिए आवश्यक सर्विसेज बिना किसी व्यवधान के अमेरिका द्वारा भारत को समयबद्ध रूप से उपलब्ध करवाई जा रही हैं…!
यह मोदी नीत भाजपा सरकार की कूटनीतिक सफलता का ज्वलंत उदाहरण हैं,आज मोदी की विदेश नीति का ही परिणाम है की एक दूसरे के कट्टर विरोधी अरब देश व् इजरायल तथा अमेरिका व् रूस सभी आज भारत के मित्र हैं और वैश्विक संगठनों व् मंचों पर भारत के पक्ष में खुलकर लॉबीइंग करते हैं,
UAE भारत मे स्ट्रैटजिक ऑयल रिज़र्व बनाने में सहयोग देता है,अमेरिका,ब्रिटेन,फ्रांस सब एकजुट होकर ऑस्ट्रेलियन ग्रुप,वसेनार एग्रीमेंट व् MTCR में भारत की सदस्यता के लिए सहमति बनवाते हैं और न्यूक्लियर सप्पलायर ग्रुप में भारत की सदस्यता हेतु कई दौर की मन्त्रणाएँ करते हैं,भारत के कहने पर UAE भारत के बड़े बड़े आतंकियों व् भगोड़े अपराधियों को पैक और पार्सल कर भारत को हैंडओवर करता है,विश्वभर के देश भारत की एक रिकवेस्ट पर भारतीय अपराधियों की सम्पत्तियां जब्त करते हैं…!
जापान भारत के लिए एक लाख करोड़ की बुलेट ट्रेन परियोजना को 90% फाइनेंस करता हैं 0.10% की दर पर,जापान, कनाडा व् ऑस्ट्रेलिया भारत को उच्च गुणवत्ता वाला न्यूक्लियर फ्यूल यूरेनियम निर्बाद सप्पलाई करते हैं
तेल के दाम बढ़ने व् ईरान पर प्रतिबंध लगने पर भारत के लिए सऊदी अरब दो महीनों तक OPEC नियमों के विरुद्ध जाकर अपना प्रोडक्शन बढ़ा देता है और पुरानी सस्ती दरों पर भारत को दो महीनों तक क्रूड सप्पलाई कर सुनिश्चित करता है कि भारत को तेल की कोई कमी न हो…!
भारत का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब इज़रायल के शत्रु फिलिस्तीन की यात्रा पर जाता है, और इसका पता जॉर्डन और इजरायल को लगता है, तो भारतीय प्रधानमंत्री की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इज़राइल के संग युद्ध लड़ चुका देश जॉर्डन और इजरायल दोनों ही अपने लड़ाकू विमानों और लड़ाकू हैलीकॉप्टर प्रधानमंत्री मोदी की सुरक्षा हेतु डिप्लॉय करते हैं,जो परछाईं की तरह भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एयरइंडिया वन विमान को सुरक्षित एस्कॉर्ट कर पहले छोड़ने और फिर लेने भी जाते हैं…!
1947 से लेकर अब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का कद और सम्मान इतना ऊंचा कभी नही था, इसका पूरा श्रेय मोदी व भाजपा सरकार को जाता है,यह विडंबना ही है कि अधिकांश भारतीयों को वैश्विक घटनाक्रमों में कोई रुचि नही होती और इसी कारण उन्हें बोध ही नही होता कि विश्व मे आज भारत किन ऊंचाइयों को छू रहा है…!!!