महन्त प्रेमनारायण दास जी महाराज के ब्रह्मलीन होने पर बुधवार सुबह मकुनहवा कुटी स्थान पर अंतिम दर्शन के लिए हजारों की भीड उमड पड़ी

तुलसीपुर/बलरामपुर
महन्त प्रेमनारायण दास जी महाराज के ब्रह्मलीन होने पर बुधवार सुबह मकुनहवा कुटी स्थान पर अंतिम दर्शन के लिए हजारों की भीड उमड पड़ी।

धार्मिक पंथ के अनुसार महंत का अंतिम संस्कार किया गया।
स्वर्गीय महन्त लम्बे समय से बीमार चल रहे थे इलाज लखनऊ के एसजीपीजीआई से चल रहा था। कोविड 19 की जांच रिपोर्ट हमेशा निगेटिव आयी। बीते शुक्रवार को वह एसपीजीआई में जांच इलाज कराकर कुटी पर वापस लौटे थे। मंगलवार देर शाम महन्त की हृदय गति रुकने से मृत्यु हो गयी। यह खबर पूरे जिले में फैल गयी। तराई क्षेत्र में संचालित दर्जनों विद्यालयों में शोक सभा का आयोजन करके छुट्टी दे दी गयी। आसपास के बाजार दुकानदार बंद रखकर दु:ख व्यक्त किये। बुधवार सुबह अंतिम दर्शन यात्रा में हजारों लोगों की भीड़ जमा हो गयी। लोगों ने न सिर्फ स्वर्गीय महन्त के अंतिम दर्शन किए बल्कि उन्हें पुष्पमाला अर्पण कर ईश्वर से उनके मोक्ष की प्रार्थना भी किये। महंत के अंतिम संस्कार होने के बाद भी महिलाओं व पुरूषों का जत्था कुटी पर आता रहा। महन्त जी गृहस्थ आश्रम से जुड़े रहे। इनके बड़े बेटे परिषदीय विद्यालय में शिक्षक/ एआरपी है। दूसरे बेटे पत्रकार/ वकील है। तीसरे बेटे पढ़ाई कर रहे है। अंतिम संस्कार में सभी राजनीतिक दलों सहित धार्मिक, समाजसेवी संगठनों सहित हजारों लोग मौजूद रहे।