ऑनलाइन कृषक प्रशिक्षण का हुआ आयोजन

ब्यूरो चीफ आर पी यादव

कौशाम्बी:-कृषि विज्ञान केन्द्र का हुआ कौशांबी के मृदा वैज्ञानिक डा मनोज कुमार सिंह ने आनलाइन आफ-कैम्पस कृषक प्रशिक्षण का आयोजन किया। जिसमें उपस्थित कृषकों को खरीफ फसलों का उत्पादन बढ़ाने में पर्णीय छिड़काव एवं जल विधेयक उर्वरकों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि फसलों के विकास एवं वृद्धि के लिए १७ पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है,प्रत्येक तत्व का फसल की बढ़वार से लेकर उत्पादन में अपना-अपना महत्वपूर्ण स्थान है। यदि जल विलेयक उर्वरकों का पानी में घोल बनाकर पत्तियों में पर्णीय छिड़काव किया जाये तो फसलों की वृद्धि के साथ ही उत्पादन भी अच्छा होगा। मिट्टी में पोषक तत्वों का असंतुलन व मौसम परिवर्तन के कारण फसलों द्वारा मृदा से पूर्णतया पोषक तत्वों का उपयोग नहीं हो पाता है। इसलिए पर्णीय छिड़काव से पोषक तत्वों की पूर्ति लाभदायक होगी।अगर हम इनके महत्व की बात करें,तो लगभग ९० प्रतिशत उर्वरकों का पौधों द्वारा उपयोग कर लिया जाता है और पौधों पर प्रभाव भी तुरन्त होने लगता है। फसलों में मुख्य व सूक्ष्म पोषक तत्वों की पूर्ति की जा सकती है।हल्की मृदा में प्रभाव की हम बात करें तो पर्णीय छिड़काव से २-३ गुना अधिक उपयोगी होता है।इसकी विशेषता यह है कि इस विधि में उर्वरकों की मात्रा भी कम लगती है। जिससे उर्वरकों पर होने वाला व्यय भी कम होता है। फसल की पैदावार एवं गुणवत्ता में वृद्धि होती है। इससे खरपतवार भी कम होते हैं, जिससे जलधारण क्षमता में वृद्धि होती है।पर्णीय छिड़काव के लिए एन.पी.के-१९:१९:१९,एन.पी.के-१८:१८:१८का प्रयोग लाभकारी रहता है। उक्त अवसर पर श्री रवीन्द्र पाण्डेय, कामता प्रसाद मौर्या, राजेश, जितेन्द्र कुमार, अमित कुमार आदि उपस्थित रहे।