बहुजन सामज को शैक्षिक रूप से सशक्त बनाने में लगा पदम

जनहित में प्रकाशनार्थ

बहुजन सामज को शैक्षिक रूप से सशक्त बनाने में लगा पदम

बहुजन समाज को रोजगारपरक शिक्षा की ओर रुख करना होगा

रोजगारपरक शिक्षा ही बहुजन समाज को सशक्त बना सकता है

प्रायागराज 02.08.2020, तमाम गरीब, असहाय परिवार के बच्चे जो आईएएस, पीसीएस या शिक्षा के अन्य किसी भी क्षेत्र में तैयारी करना चाहते है तो उन लोगों के लिये “बहनजी को जगाओ अभियान” के संयोजक पूर्वांचल दलित अधिकार मंच (पदम) के संस्थापक उच्च न्यायालय के अधिवक्ता आईपी रामबृज ने एक यूट्यूब व्हाट्सएप के द्वारा फ्री क्लास की स्थापना का जिक्र शहर पश्चिमी की सबसे बड़ी ग्रामसभा बमरौली उपरहार में एक बैठक के दौरान कही। रामबृज का सपना है कि प्रदेश का हर युवा पढ़े और अधिकारी बने। इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए युवाओ को फ्री क्लास और प्रशिक्षण देकर उनकी समस्या को सुलझाया जायेगा।

उन्होंने आगे बताया कि बहुजन समाज को सशक्त बनाने के लिए शैक्षिक रूप से सुदृढ़ करना हमारी प्राथमिकता होनी। शिक्षा मनुष्य की आन्तरिक बृद्धि और विकास की कभी न समाप्त होने वाली एक ऐसी प्राक्रिया है जो मानवता का मानवीयकरण करके जीवन को सांस्कृतिक, सुसभ्य और उन्नत बनाती है। शिक्षा और औपचारिक व अनौपचारिक रूप से सामाजिक, व्यक्तिगत व सामूहिक उन्नति के लिये नितान्त आवश्यक है। शिक्षा के माध्यम से ही मनुष्य में विवेक, सोच, समस्याओं के निराकरण की क्षमता, रातनात्मक बुद्धिमत्ता व सकारात्मक दृष्टिकोण का विकास होता है। जिससे संवेदनाओं, क्षमताओं, आदर्शमूल्यों व विचारधाराओं तथा अपना जीवनयापन करने के लिए विशेष व्यवसाय के प्रति अभिरुचि विकसित होती है। शिक्षा से मानव की प्रदत्त प्रतिभा, योग्यता, संभावनाओं का विकास होता है जिससे समाज को लिखित एवं मुद्रित संस्कृति को समझने एवं उसके साथ सक्रिय संवाद स्थापित करने की योग्यता का विकास होता है। यह व्यक्ति की मौखिक अभिव्यक्ति एवं सूझबूझ को परिष्कृत करती है। शिक्षा आत्म निर्भरता, स्वायत्तता और अधिकार सम्पन्नता की भावना विकशित कर आत्मसंतोष, आत्मिक ऊर्जा और अपने अस्तित्व का एहसास कराती है। सशक्तिकरण एवं मानसिक स्थिति जो आंतरिक एवं वाह्य परिस्थितियों पर निर्भर है। इसके लिये निर्भरता आर्थिक आत्मनिर्भरता, निर्णय का अधिकार, इन सबके योग्य बनने के लिये उचित शिक्षा अनिवार्य शर्त है। हम सभी को रोजगारपरक शिक्षा की ओर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है, जिससे हमारे समाज के हर एक व्यक्ति को रोजगार मिले और हमारा समाज आर्थिक रूप सशक्त बने। वर्तमान की मूलभूत जरूरत ये है कि समाज के हर एक व्यक्ति को रोजगारपरक शिक्षा मुहैया करायी जाय। शैक्षिक स्तर में वृद्धि होगी तो भविष्य में निश्चित ही समाज में प्रेम और स्नेह का भाव पुष्ट होगा जिससे समाज मे पारस्परिक प्रेम की भावना का विकास होगा तो लोग एक दूसरे की सहायता करने में हिचकिचायेगे नहीं।
बैठक में अभिषेक कुमार गौतम, हीरालाल बौद्ध, मुन्नीलाल बौद्ध, शिवलाल बौद्ध, रामलाल गौतम, सिद्धार्थ सिंह, अशोक कुमार बौद्ध, रंजीत कुमार, अनिल कुमार, राहुल गौतम, अतीश कुमार, संजय कुमार आदि उपस्थित रहे।