आरोपियों को बचाने में लगी पुलिस महिला ने खटखटाया पुलिस अधीक्षक का दरवाजा

ठा. अनीष सिंह

चांदपुर ( फतेहपुर )- चांदपुर थाना क्षेत्र के मेहंदिया गांव निवासिनी ज्योती पत्नी सुनील कुमार का तीन दिन पूर्व बच्चों के खेलने को लेकर गांव के ही संदीप, रविन्द्र, दिपांशु, राजेन्द्र,रवी ( बिंन्दू ) हेमराज आदि से विवाद हो गया। ज्योती का आरोप है कि उसी रात शराब के नशे में धुत दबंग घर में घुस कर ज्योती व उसकी नदंन प्रीति एवं अंजलि के साथ मारपीट किया। पीड़िता का आरोप है कि दबंगों ने बलात्कार करने की कोशिश की। घर की महिलाओं के विरोध करने पर दबंगों ने अश्लील हरकत व अभद्र शब्दों का प्रयोग किया। घटना की सुबह पीड़िता थाना चांदपुर पहुंचकर हल्के के इंचार्ज विद्याराम को घटना का प्रार्थना पत्र दिया। परंतु दरोगा ने तहरीर लेने से इंकार कर दिया। और पीड़िता के पति सुनील कुमार को ही शांति भंग में पाबंद कर दिया। हल्ला इंचार्ज ने सुलह करने का दबाव बनाया।पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक प्रशांत वर्मा को दिए गए प्रार्थना पत्र में कहा कि पति सुनील कुमार जमानत कराने बिन्दकी गया था तभी विपक्षियों लोगों ने उसके साथ फिर मारपीट किया। मारपीट के बाद उसने घटना की सूचना पुलिस को दी परंतु चांदपुर पुलिस ने कार्रवाई करना दूर की बात सूचना पर जाना मुनासिब नहीं समझा। बता दें कि गुरुवार को उक्त घटना को सोशल मीडिया से संज्ञान में लेकर आईजी प्रयागराज ने जांच के आदेश दिए थे। फतेहपुर पुलिस द्वारा एक बयान में जारी किया गया कि थानाध्यक्ष द्वारा बताया गया बच्चों के खेलने को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ था जिसमें दोनों ओर से मारपीट हुई थी। दोनों पक्षों पर निरोधात्मक कार्रवाई की गई है। जिस तरीके चांदपुर पुलिस घटना को मोड़ कर पेश कर रही है। इससे यह सिद्ध होता है कि रक्षक जब रक्षा करने में सक्षम न हो तभी समाज के लोगों का उत्पीड़न होता है।
चांदपुर थाना प्रभारी निरीक्षक केशव प्रसाद वर्मा ने बताया बच्चों के खेलने को लेकर तीन दिन पूर्व विवाद हुआ था। दोनों पक्षों की ओर से मारपीट हुई थी। दोनों पर शांति भंग की कार्रवाई की गई है।