PRAYAGRAJ- प्रयागराज 4 दिन बीत जाने के बाद नहीं हुआ मुकदमा। गैंगरेप की शिकार महिला तीन थानों का लगा रही चक्कर

प्रयागराज 4 दिन बीत जाने के बाद नहीं हुआ मुकदमा। गैंगरेप की शिकार महिला तीन थानों का लगा रही चक्कर
मोहम्मद आरिफ सिद्दीकी प्रयागराज
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प्रयागराज थाना घूरपुर अंतर्गत रिश्तेदार के यहां गई एक महिला के साथ गांव के युवकों ने गैंगरेप किया। घटना के 4 दिन बाद भी घूरपुर कौंधियारा बारा तीनों थानों का चक्कर लगाने के बाद भी सभी जगह उसे अभी तक निराशा हाथ लगी है मामला दर्ज करने को तैयार नहीं और एक दूसरे का घटना स्थल बता कर उसे भटका रहे हैं
हाथरस गैंगरेप का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ है। लेकिन महिलाओं के साथ अत्याचार और बढ़ गए। कई दुष्कर्म के मामले सामने आए। ताजा घटनाक्रम में प्रयागराज के घूरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत एक गांव में रिश्तेदार के यहां गई महिला को उस उसी के गांव के रहने वाले दो युवक 8 अक्टूबर की रात घर पहुंचाने के लिए बारा थाना क्षेत्र के एक गांव के लिए निकले थे। लेकिन दोनों युवक की नीयत ठीक नहीं थी और महिला को जबरदस्ती दूसरे रास्ते से ले जाकर दोनों युवकों ने हवस का शिकार बनाया और उसको मारा पीटा और महिला के जेवरात भी छीन लिए। यही नहीं महिला बचने के लिए भागती रही लेकिन वह दोनों हैवानियत के सारी हदें पार कर दीं। गैंगरेप के बाद वह दोनों युवक मौके से भाग गए महिला इसी तरीके से अपने घर बारा थाना क्षेत्र में अपने गांव पहुंची तो वह परिवार वालों को पूरा हाल बताया। 9 अक्टूबर को परिजनों के साथ महिला घूरपुर थाने में आई और प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। घूरपुर थाना अध्यक्ष ने घटना अपने इलाके का ना होने की बात बाताकर बारा भेज दिया । बारा पुलिस ने फिर उसे
घूरपुर भेज दिया। पीड़िता जब 11 तारीख रविलार के दिन फिर घूरपुर पुलिस के यहां गुहार लगाई तो थाना अध्यक्ष भुवनेश चौबे ने उसे फिर कौंधियारा की घटना बताकर उसे वहां से भेज दिया। पीड़िता के परिजनों ने बताया कि कौंधियारा थाने में भी उसकी नहीं सुनी गई और वहां से घूरपुर की घटना बताकर फिर उसे भेज दिया गया। कौंधियारा पुलिस ने बताया कि यह मामला घूरपुर का है और वहीं पर मुकदमा दर्ज होगा इसके लिए मुंशी से बात भी हुई है। मिलाकर देखा जाए तो गैंग रेप की शिकार महिला अभी तीनों थाने के चक्कर में दर-दर भटक रही है और मामला दर्ज नहीं किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश के बाद भी अभी महिलाओं के प्रति पुलिस का यही रवैया देखने को मिल रहा है। 4 दिन बीत जाने के बाद मुकदमा पंजीकृत नहीं किया गया है आरोपी गांव में घूम रहे हैं। अब देखना यह है कि पीड़िता को इंसाफ कब मिलता है और आरोपी पकड़े जाते हैं।