You are currently viewing प्रयागराज: उभारी गांव में नहीं निकला ईद मिलादुन्नबी का जुलूस, गांव में ही महफिलों का आयोजन

प्रयागराज: उभारी गांव में नहीं निकला ईद मिलादुन्नबी का जुलूस, गांव में ही महफिलों का आयोजन
मो. आरिफ सिद्दीकी
……………………….
प्रयागराज। ईद मिलादुन्नबी के मौके पर सबसे बड़ी उभारी गांव की कोरोना महामारी के चलके नहीं नहीं निकाली गई। कमेटी की ओर से पहले ही इसकी घोषणा की गई थी। गांव में ही ईद मिलादुंनबी का प्रोग्राम शांतिपूर्वक ढंग से आयोजित की गई। करमा क्षेत्र के सबसे बड़ी मुस्लिम क्षेत्र उभारी गांव में इस वर्ष जुलूस नबी ए पाक सल्ललाहो वसल्लम नहीं निकाली गई। ग्राम प्रधान मोहम्मद मोईन ने बताया कि इस बार कोरोना की वजह से जुलूल नहीं निकाली गई। घरों व मस्जिदों में ही ईद मिलादुन्नबी काआयोजन किया गया। कमेटी के लोगों का पहले ही इस पर फैसला भी हुआ था कि जुलूस नहीं निकाली जाएगी। जुलूस गांव से चलकर लगभग डेढ़ किलोमीटर चलकर मदरसा सिराजुल ओलूम और कटरा गांव होते हुए संपन्न होती थी। इसी क्रम में करमा बाजार में ईद मिलादुन्नबी जुलूस नहीं निकाली गई। गांव के मस्जिदों में ही महफिलों का आयोजन हुआ। कर्मा के डॉक्टर मुन्ना ने बताया कि कमेटी की ओर से महफिल प्रोग्राम मस्जिदों में ही करने का फैसला लिया गया और जुलूस निकालने के लिए सहमति नहीं बनीं।

प्रयागराज: ईद मिलादुंनबी की रही धूम लगाया गए या रसूल अल्लाह के नारे

मोहम्मद आरिफ सिद्दीकी
…………………………
प्रयागराज। ईद मिलादुन्नबी के मौके पर चारों तरफ खूब धूम रही, और जगह-जगह या रसूल अल्लाह के नारे लगाए गए। जगह-जगह महफिलों का आयोजन किया गया। रात भर जलसा ए नबी करीम होती रही। कहीं-कहीं जुलूस भी निकाले गए और लोगों ने एक साथ चल कर एक दूसरे को मुबारकबाद दी। चकघनश्याम दास के मौलाना सैफ पंवर गांव के अफताब अहमद व शाकिर अली ने बताया कि जुलूस नबी करीम सल्लल्लाहो सल्लम निकाली गई। सोशल रिसेसिंग का भी पालन कराते हुए भीड़ इकट्ठा ना हो लोगों को दूर- दूर चलने को कहा गया। गांव में ही जुलूस घूमकर फातिहा के बाद खत्म व संपन्न हुआ। इस मौके पर मोहम्मद वशीम, मोबीन अहमद, मोईन अहमद, अली अहमद, अबी अहमद, मोहम्मद कासिम, मोहम्मद जाहिद, डॉक्टर शाहिद, हाजी मुख्तार अहमद, इम्तियाज अहमद, फहीम अहमद, मोहसिन, अनस, अहद सिद्दीकी, मोहम्मद आदिल, मोहम्मद आमिर आदि मौजूद रहे। पंवर गांव में नौजवान हुसैन कमेटी की ओर से जुलूस निकाला गया। इसके अलावा हथिगन, हथिगनी, बरौली, गौहनिया, मुरादपुर, बालापुर में महफिलों का आयोजन किया गया।