प्रयागराज:ग्राम सभा उभारी में गरीबों के शौचालय बनाने में ग्राम प्रधान द्वारा किया गया लम्बा घोटाला

रिपोर्ट-मोहम्मद आरिफ सिद्दीकी
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प्रयागराज करछना तहसील के चाका ब्लाक अंतर्गत उभारी ग्राम सभा में प्रधान द्वारा ब्लाक के अधिकारियों के मीलि भगत से लगभग 40/50 लोगों का शौचालय का पैसा ग़रीबों का शौचालय न बना कर लाखों रुपये ग्राम प्रधान मो0 मोइन डकार गया यह जानकारी आर टी आई के तहत गांव के लोगों ने ले कर डी एम के यहां जनवरी 2020 में ही एफी डेविड सहित प्रार्थना पत्र दिया लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई जिससे ग्रामीणों ने मजबूर हो कर आज अपनी बात मीडिया के द्वारा शासन से न्याय की गुहार लगाई जो कि ग्राम प्रधान ग्राम सभा में भारी धांधली करके अपना करोड़ों का अलीशान दो मंजिला मकान बनवाया जबकी प्रधान के पास कोई भी छोटी या बडी साइड बिजनेस नहीं है ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम सभा का सारा विकास कार्य का पैसा सिर्फ अपने विकास में लगा लिया ।सरकार के द्वारा भले ही भ्रष्टाचार करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए जा रहे हैं , पर गाँव की निचली पंचायत के जनप्रतिनिधि अपने दायित्वों का निर्वहन सही तरीके से ना करते हुए वे अब केवल अपना बैंक बैलेंस विकास कार्यों के लिए आने वाले पैसों से बढ़ाने में लगे हुए हैं | कुछ इसी प्रकार का हाल है चाका विकासखंड के अंतर्गत आने वाली ग्राम सभा उभारी के ग्राम प्रधान का जिनके द्वारा ग्राम सभा में विकास के नाम पर केवल कागजी घोड़ा दौड़ाया गया और विकास के नाम पर आने वाले पैसों का संबंधित अधिकारियों से मिलकर के जमकर बंदरबांट किया गया| वही गांव के ही कुछ लोगों के द्वारा आरोप लगाया गया कि ग्राम सभा में 269 शौचालय स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनने थे जिनमें से शौचालय सूची में शामिल रहते हुए भी उनके शौचालयों का निर्माण कागजों पर ही करा कर के उसकी एमआईएस फीडिंग भी ग्राम प्रधान उभारी के द्वारा चाका विकासखंड मे नियुक्त एडीओ पंचायत की मिलीभगत से करा दिया गया | जब कि शौचालय पाने वालों को जब इस बारे में जानकारी हुई तो उनके द्वारा ग्राम प्रधान के विरुद्ध ब्लॉक मुख्यालय से लेकर के तहसील स्तर तक शिकायत की गई | लेकिन भ्रष्टाचार के बोल बाले के आगे इन 40 लोगों की शिकायतों को अधिकारियों ने रद्दी की टोकरी में डाल कर जला दिए | जब कि उभारी ग्राम सभा में आज भी 80% लोग खुले में शौच करने के लिए विवश हैं जिसमें महिला पुरुष सभी वर्ग के लोग शामिल रहते हैं | वही गांव के ही लोगों के द्वारा बताया गया कि ग्राम प्रधान के चमचों के द्वारा कई लोगों शौचालय बनाने के लिए गड्ढा खोदवाया गया लेकिन फिर ग्राम प्रधान ने यह कहते हुए मना कर दिया कि उनके नाम से स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनने वाले शौचालय आए ही नहीं है | जबकि ग्रामीणों के द्वारा जब सूची निकाली गई तो उसे सूची में उन सभी के नाम भी शामिल थे लेकिन उनके शौचालय आज तक नहीं बनवाए गए हैं | वही ग्राम प्रधान के द्वारा 269 शौचालयों में से केवल उन्हीं शौचालयों का निर्माण कराया गया जो ग्राम प्रधान के सबसे करीबी व चाहते हैं ,शेष लोगों के शौचालय ग्राम प्रधान ने केवल कागजी घोड़े पर ही तैयार करवाते हुए उनका उपयोग कागजों पर ही दिखा दिया गया और शौचालय निर्माण के लिए आये हुये पैसों का बंदरबांट ग्राम प्रधान ,ग्राम विकास अधिकारी ,एडीओ पंचायत चाका ब्लाक के द्वारा आपस में कर लिया गया |